राउरकेला में बीजद का भाजपा सरकार पर तीखा हमला,एमएमडीआर संशोधन से विकास परियोजनाओं तक उठाए सवाल

न्यूज डेस्क,राउरकेला,उड़ीसा,22सितंबर2026

ओडिशा में भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ बीजू जनता दल (बीजद) ने अपना राजनीतिक अभियान तेज करने का ऐलान किया हैं। राउरकेला के ब्राह्मणी क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में,बीजद नेताओं ने एमएमडीआर कानून में संशोधन, महंगाई, बेरोजगारी, कानून-व्यवस्था, खनिज संसाधनों पर राज्य के अधिकार और शहर की लंबित विकास परियोजनाओं को लेकर सरकार पर सवाल उठाए।बीजद नेताओं ने आरोप लगाया,कि एमएमडीआर कानून में किए गए संशोधन से ओडिशा के आर्थिक हित प्रभावित हो सकते हैं। पार्टी ने कहा,कि खनिज संसाधनों से जुड़े फैसलों में राज्य के हितों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। इस मुद्दे पर भाजपा सांसदों और राज्य सरकार की कथित चुप्पी को लेकर भी बीजद नेताओं ने सवाल उठाए और आंदोलन जारी रखने की बात कही।

🟠महंगाई-बेरोजगारी पर भी सरकार को घेरा

प्रेस वार्ता में बीजद नेताओं ने महंगाई और बेरोजगारी को आम लोगों से जुड़े प्रमुख मुद्दों के रूप में उठाया। पार्टी ने दावा किया कि बढ़ती महंगाई का असर गरीब और मध्यम वर्ग के साथ छोटे कारोबारियों पर भी पड़ रहा हैं।इसके अलावा आदिवासी, दलित और अल्पसंख्यक समुदायों के हित, महिलाओं, युवाओं, छात्रों, किसानों और श्रमिकों से जुड़े मुद्दों को लेकर भी जनजागरूकता अभियान चलाने की घोषणा की गई। विशेष राज्य का दर्जा और ओडिशा के खनिज संसाधनों पर अधिकार भी बीजद के प्रमुख मुद्दों में शामिल रहे।

🟠राउरकेला की लंबित परियोजनाओं पर उठाए सवाल

स्थानीय विकास के मुद्दे पर बीजद नेताओं ने मेडिकल कॉलेज-सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, विमानतल सहित विभिन्न लंबित परियोजनाओं का मुद्दा उठाया। पार्टी नेताओं ने कहा कि राउरकेला के औद्योगिक विकास के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।बीजद ने इन परियोजनाओं की प्रगति और सरकार की कार्ययोजना को लेकर जवाब मांगा तथा स्थानीय मुद्दों को लेकर अपना अभियान आगे बढ़ाने की बात कही।

🟠विधायक की गैरमौजूदगी बनी चर्चा का विषय

ब्राह्मणी क्लब में आयोजित इस प्रेस वार्ता के दौरान क्षेत्रीय विधायक की गैरमौजूदगी भी स्थानीय राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय रही। हालांकि विधायक के कार्यक्रम में शामिल नहीं होने के कारणों को लेकर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया हैं।विधायक की अनुपस्थिति को लेकर स्थानीय स्तर पर अलग-अलग राजनीतिक चर्चाएं जरूर होती रहीं, लेकिन इन चर्चाओं की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई हैं। इसलिए इसे फिलहाल राजनीतिक अटकलों के रूप में ही देखा जा रहा हैं।वहीं, बीजद द्वारा राउरकेला की लंबित परियोजनाओं और विकास संबंधी मुद्दों को उठाए जाने के बाद इन परियोजनाओं की स्थिति तथा अलग-अलग सरकारों और जनप्रतिनिधियों के कार्यकाल में हुई प्रगति को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो सकती हैं।

🟠बीजद नेताओं ने दिखाई एकजुटता

पत्रकार वार्ता में पूर्व मंत्री एवं प्रदेश बीजद उपाध्यक्ष देवीप्रसाद मिश्रा, जिलाध्यक्ष प्रद्युम्न मिश्रा, जयंत कुमार मिश्रा, प्रशांत सेठी, बीरेन सेनापति और सुदाम दास सहित पार्टी के अन्य नेता मौजूद रहे।बीजद नेताओं ने स्पष्ट किया कि एमएमडीआर संशोधन, महंगाई, बेरोजगारी और राउरकेला की विकास परियोजनाओं जैसे मुद्दों को लेकर पार्टी आगे भी सरकार से सवाल करती रहेगी।

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