अर्पित तिवारी,बलरामपुर,छत्तीसगढ़,23सितंबर2026
छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण/पीड़ित राहत पुनर्वास नीति-2025 के तहत जिला स्तरीय समिति की, मासिक बैठक कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में आत्मसमर्पित व्यक्तियों के पुनर्वास, नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों को राहत और लंबित प्रकरणों की स्थिति की समीक्षा की गई।कलेक्टर ने शासन की मंशा के अनुरूप आत्मसमर्पित व्यक्तियों के उत्थान को प्राथमिकता देते हुए,उन्हें केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ जल्द से जल्द दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़ने को कहा।
🟠31 आत्मसमर्पित स्व-सहायता समूहों से जुड़े
बैठक में बताया गया,कि जिले में अब तक 31 आत्मसमर्पित व्यक्तियों को स्व-सहायता समूहों से जोड़ा गया हैं। कलेक्टर ने इस संख्या को और बढ़ाने के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक आत्मसमर्पित व्यक्ति आजीविका गतिविधियों से जुड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो सकें।अधिकारियों ने बताया,कि जिले के कुल 24 आत्मसमर्पित व्यक्तियों में से 14 को आवास, जबकि 21-21 लोगों को खाद्यान्न सहायता और राष्ट्रीय स्वास्थ्य योजना का लाभ मिल रहा हैं।
🟠नक्सल हिंसा पीड़ितों को राहत देने के प्रकरणों की समीक्षा
बैठक में नक्सली हिंसा में मृत व्यक्तियों के परिजनों को दी गई राहत की भी समीक्षा की गई। जानकारी के अनुसार मृत व्यक्तियों से जुड़े 50 प्रकरणों में से 49 में राहत राशि प्रदान की जा चुकी हैं,जबकि 29 परिजनों को शासकीय नौकरी मिल चुकी हैं।इसी तरह नक्सल हिंसा में घायल हुए 11 नागरिकों में से 10 को राहत राशि दी गई हैं। संपत्ति क्षति से जुड़े 7 प्रकरणों में से 6 में मुआवजा प्रदान किया जा चुका हैं।कलेक्टर ने शेष लंबित प्रकरणों का विभागीय समन्वय के साथ जल्द निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा,कि पात्र लोगों को राहत और पुनर्वास से जुड़े लाभ समय पर मिलना सुनिश्चित किया जाए।
🟠पुनर्वास प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश
कलेक्टर ने अधिकारियों को आत्मसमर्पित व्यक्तियों और नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों से जुड़े मामलों की नियमित समीक्षा करने तथा जहां किसी स्तर पर प्रकरण लंबित हैं,वहां आवश्यक कार्रवाई में तेजी लाने के निर्देश दिए।बैठक में पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर, जिला पंचायत सीईओ डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी सहित जिला स्तरीय समिति के सदस्य और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।












