प्रधानमंत्री आवास योजना में छत्तीसगढ़ की बड़ी उपलब्धि, EWS-LIG आवास के लिए भूमि आरक्षण मॉडल को राष्ट्रीय सम्मान

संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,5अक्टूबर2026

आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और निम्न आय वर्ग (LIG) के परिवारों को,किफायती और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार की पहल को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत EWS-LIG वर्ग के, लिए भूमि आरक्षण और Affordable Housing in Partnership (AHP) के माध्यम से आवास उपलब्ध कराने की कार्यप्रणाली को भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने ‘बेस्ट प्रैक्टिस’ के रूप में सम्मानित किया हैं।विश्व पर्यावास दिवस के अवसर पर नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने छत्तीसगढ़ को यह राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया। राज्य की ओर से नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा तथा SUDA के मुख्य कार्यपालन अधिकारी-सह-राज्य मिशन संचालक, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) सुमित अग्रवाल ने पुरस्कार ग्रहण किया।

🟠निजी कॉलोनियों में भूमि आरक्षण से मिली बड़ी उपलब्धि

शहरी क्षेत्रों में आर्थिक रूप से कमजोर और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए आवास निर्माण में,सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक उपयुक्त और किफायती जमीन की उपलब्धता रही हैं। छत्तीसगढ़ में इस चुनौती से निपटने के लिए निजी कॉलोनियों में EWS और LIG वर्ग के लिए भूमि आरक्षण के प्रावधान को प्रभावी तरीके से लागू किया गया।सरकारी जानकारी के अनुसार, इस व्यवस्था के परिणामस्वरूप राज्य में 25,413 आवासों के निर्माण के लिए बिना सरकारी खर्च के जमीन उपलब्ध हुई हैं।

🔸️PMAY-Urban 1.0 के तहत — 17,790 आवास

🔸️PMAY-Urban 2.0 के तहत — 7,623 आवास शामिल हैं।

इस मॉडल की खास बात यह हैं,कि आवास निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी का एक हिस्सा निजी कॉलोनियों में भूमि आरक्षण के जरिए पूरा हुआ, जिससे सरकारी स्तर पर जमीन की उपलब्धता की चुनौती को कम करने में मदद मिली।

🟠गरीब परिवारों को विकसित शहरी क्षेत्रों में आवास का रास्ता

भूमि आरक्षण की व्यवस्था का असर केवल घर मिलने तक सीमित नहीं है। निजी और नियोजित कॉलोनियों में, EWS-LIG आवासों के लिए स्थान सुनिश्चित होने से कमजोर आय वर्ग के परिवारों को शहर के विकसित हिस्सों में आवास उपलब्ध कराने का रास्ता खुला हैं।ऐसे क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और अन्य नागरिक सुविधाओं तक पहुंच का लाभ भी परिवारों को मिल सकता हैं। इससे किफायती आवास को शहर के बाहरी हिस्सों तक,सीमित रखने के बजाय समावेशी शहरी विकास से जोड़ने की दिशा में मदद मिलती हैं।

🟠जमीन से लेकर घर निर्माण तक निगरानी

छत्तीसगढ़ में PMAY-Urban के तहत केवल भूमि उपलब्ध कराने पर ही जोर नहीं दिया गया हैं। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग और राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) द्वारा नगरीय निकायों के साथ, समन्वय कर परियोजनाओं की स्वीकृति, निर्माण की प्रगति, गुणवत्ता और समयबद्ध पूर्णता की निगरानी की जा रही हैं।AHP मॉडल के तहत निजी भागीदारी के माध्यम से किफायती आवास उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाया जा रहा हैं। इसी समग्र कार्यप्रणाली को केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर ‘बेस्ट प्रैक्टिस’ के तौर पर मान्यता दी हैं।

🟠मुख्यमंत्री बोले- हर पात्र परिवार को पक्का आवास

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रीय सम्मान के लिए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, SUDA और नगरीय निकायों की पूरी टीम को बधाई दी।उन्होंने कहा,कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में छत्तीसगढ़ की कार्यप्रणाली को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलना राज्य के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। EWS और LIG परिवारों के लिए भूमि आरक्षण तथा AHP के माध्यम से किफायती आवास उपलब्ध कराने की पहल को मिली पहचान को उन्होंने राज्य सरकार की आवास संबंधी कार्यप्रणाली से जोड़ा।मुख्यमंत्री ने कहा,कि पक्का घर किसी परिवार के लिए केवल चार दीवारें और छत नहीं होता,बल्कि यह सुरक्षा, सम्मान और बेहतर भविष्य का आधार हैं। सरकार का प्रयास हैं,कि कोई भी पात्र परिवार पक्के आवास से वंचित न रहे और जरूरतमंद परिवारों को मूलभूत सुविधाओं से युक्त बेहतर आवास उपलब्ध हो।

🟠अरुण साव बोले जमीन से घर तक बनाई गई व्यवस्था

उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने इस सम्मान के लिए विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों और नगरीय निकायों की टीम को बधाई दी।उन्होंने कहा,कि शहरी गरीबों के लिए केवल आवास योजना तैयार करना पर्याप्त नहीं हैं,बल्कि जमीन की उपलब्धता से लेकर आवास निर्माण तक पूरी प्रक्रिया को प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाना जरूरी हैं। EWS-LIG के लिए भूमि आरक्षण और AHP मॉडल को मिली राष्ट्रीय पहचान इसी दिशा में किए गए प्रयासों का परिणाम हैं।उन्होंने कहा,कि विभाग का लक्ष्य शहरों में जरूरतमंद परिवारों को तेजी से किफायती और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना हैं। राष्ट्रीय सम्मान से टीम को आगे भी बेहतर परिणाम देने की प्रेरणा मिलेगी और जिम्मेदारी भी बढ़ेगी।

🟠‘सबके लिए आवास’ की दिशा में अहम कदम

25,413 आवासों के लिए बिना सरकारी खर्च के भूमि उपलब्ध होना छत्तीसगढ़ की शहरी आवास नीति के इस मॉडल का प्रमुख परिणाम बताया गया हैं। एक तरफ इससे आवास निर्माण के लिए जमीन की उपलब्धता की चुनौती को कम करने में मदद मिली हैं,वहीं दूसरी तरफ EWS और LIG परिवारों को नियोजित शहरी क्षेत्रों से जोड़ने का रास्ता भी तैयार हुआ हैं।विश्व पर्यावास दिवस पर मिला यह राष्ट्रीय सम्मान छत्तीसगढ़ की प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत भूमि आरक्षण और किफायती आवास मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर मिली मान्यता के रूप में सामने आया हैं।

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