संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,8अक्टूबर2026
छत्तीसगढ़ के नगरीय क्षेत्रों में पेयजल, सीवरेज, हरित क्षेत्र और जल प्रबंधन से जुड़ी सुविधाओं को,मजबूत करने की दिशा में मिशन अमृत 2.0 के तहत चल रही परियोजनाओं की समीक्षा की गई। बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय हाई पावर स्टेयरिंग कमेटी की बैठक हुई। बैठक में मिशन के तहत स्वीकृत और निर्माणाधीन परियोजनाओं की, भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए,कि सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए और परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए। बैठक में पेयजल, सीवरेज ट्रीटमेंट, जल निकायों के पुनरुद्धार, पार्क विकास और GIS आधारित मास्टर प्लान से जुड़े कार्यों की स्थिति पर चर्चा हुई।
🟠81 परियोजनाओं पर चल रहा काम, 45 के कार्य आवंटित
मिशन अमृत 2.0 के अंतर्गत राज्य में अब तक 81 परियोजनाएं स्वीकृत की जा चुकी हैं। इनमें से 64 परियोजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी हैं, जबकि 45 परियोजनाओं के कार्य आवंटित किए जा चुके हैं।वर्तमान में 19 परियोजनाएं निविदा प्रक्रिया में हैं। वहीं शेष 11 परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी DPR को अक्टूबर माह के अंत तक स्वीकृत करने का लक्ष्य रखा गया हैं। बैठक में परियोजनाओं की प्रगति और आगे की प्रक्रिया को लेकर भी अधिकारियों से जानकारी ली गई।
🟠पेयजल व्यवस्था को मिलेगी मजबूती
शहरी क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए, मिशन के तहत 37 जल प्रदाय परियोजनाएं स्वीकृत हैं। इनमें से 36 परियोजनाओं के कार्य आवंटित किए जा चुके हैं।बैठक में जगदलपुर (बस्तर) जल प्रदाय योजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट की प्रशासनिक स्वीकृति को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया। शहरी आबादी को बेहतर और व्यवस्थित पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने के लिहाज से इन परियोजनाओं को महत्वपूर्ण माना जा रहा हैं।
🟠5 शहरों में 333 MLD क्षमता के 9 STP
सीवरेज प्रबंधन को लेकर भी मिशन अमृत 2.0 के तहत बड़े स्तर पर काम किया जा रहा हैं। अम्बिकापुर, राजनांदगांव, कोरबा, भिलाई और दुर्ग में कुल 333 MLD क्षमता के 9 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) का निर्माण कराया जा रहा हैं।इन परियोजनाओं की कुल लागत ₹465.82 करोड़ हैं। STP के जरिए शहरी क्षेत्रों में सीवेज के उपचार और जल प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा हैं।
🟠बिलासपुर समेत 4 शहरों में बनेंगे नए पार्क
शहरों में हरित क्षेत्र बढ़ाने के उद्देश्य से पार्क विकास परियोजनाओं को भी मिशन में शामिल किया गया हैं। बीते एक महीने में बिलासपुर, मुंगेली, कांकेर और अहिवारा में, चार पार्क विकास परियोजनाओं के कार्य आवंटित किए गए हैं।पार्कों और हरित क्षेत्रों के विकास से शहरी नागरिकों के लिए सार्वजनिक स्थानों की उपलब्धता बढ़ाने के साथ शहरों में हरित क्षेत्र को विस्तार देने की दिशा में काम किया जा रहा हैं।
🟠GIS मास्टर प्लान को लेकर भी समीक्षा
बैठक में अमृत शहरों के लिए GIS आधारित मास्टर प्लान तैयार करने से संबंधित उप-योजना के तहत तैयार किए गए,संशोधित स्टेट एक्शन प्लान के अनुमोदन की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।GIS आधारित मास्टर प्लान के माध्यम से शहरों के विकास की योजनाओं को व्यवस्थित तरीके से तैयार करने और भविष्य की शहरी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा हैं।
🟠कई विभागों के अधिकारी बैठक में शामिल
बैठक में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास, वन एवं जलवायु परिवर्तन, नगरीय प्रशासन एवं विकास, वित्त, जल संसाधन, आवास एवं पर्यावरण तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारी शामिल हुए।भारत सरकार के आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के अधिकारी भी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक से जुड़े। समीक्षा के दौरान परियोजनाओं की गति बढ़ाने के साथ निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।












