न्यूज डेस्क,सूरजपुर,छत्तीसगढ़,5अगस्त2026
सूरजपुर जिले की बसदेई चौकी पुलिस ने जमीन विवाद को लेकर हुए प्राणघातक हमले के मामले में, चार महीने से फरार चल रहे एक आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की हैं। आरोपी घटना के बाद लगातार ठिकाने बदलकर पुलिस से बचता फिर रहा था। पुलिस ने उसे मुखबिर की सूचना पर दबिश देकर गिरफ्तार किया और उसकी निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल किया गया डंडा भी बरामद कर लिया हैं। वहीं मामले के अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी हैं।
🟠खेत में बैठे परिवार पर लाठी-डंडों से हमला
पुलिस के अनुसार ग्राम जूर निवासी हसीना बीबी ने शिकायत दर्ज कराई थी,कि उनके परिवार का मोहम्मद अयुब के परिवार से लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा हैं।14 अप्रैल 2026 की शाम करीब 5 बजे हसीना बीबी अपने ससुर सफी अहमद और बहू सहेबा के साथ खेत में बने झाला पर बैठी थीं। तभी अयुब अंसारी, उसकी पत्नी, दोनों बेटे और भतीजा असलम अंसारी लाठी-डंडों से लैस होकर वहां पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए विवाद शुरू कर दिया।
🟠बीच-बचाव करने पहुंचे पति पर जानलेवा हमला
शोर सुनकर जब हसीना बीबी के पति मो. यासीन मौके पर पहुंचे तो आरोपियों ने उन पर ताबड़तोड़ डंडों से हमला कर दिया। हमले में उनके सिर पर गंभीर चोट लगी। परिवार के अन्य सदस्य सफी अहमद, सहेबा, सद्दाम और सायरा खातून भी बीच-बचाव में घायल हो गए। गंभीर हालत में मो. यासीन को तत्काल जिला अस्पताल सूरजपुर ले जाया गया।घटना के बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की।
🟠चार महीने तक पुलिस को चकमा देता रहा आरोपी
पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल के निर्देश पर लगातार आरोपियों की तलाश की जा रही थी। जांच के दौरान सूचना मिली कि फरार आरोपी असलम अंसारी (29 वर्ष) ग्राम सरमा में छिपा हुआ हैं। बसदेई पुलिस ने तत्काल दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया।पूछताछ में आरोपी ने जमीन विवाद को लेकर मारपीट करने की बात स्वीकार की। उसने बताया,कि घटना के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए वह अंबिकापुर, दंतेवाड़ा और भोपाल में छिपकर रह रहा था।
🟠डंडा बरामद, बाकी आरोपी अब भी फरार
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त डंडा जब्त कर लिया हैं। पुलिस का कहना हैं,कि मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही हैं,और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।इस कार्रवाई में चौकी प्रभारी योगेंद्र जायसवाल एवं उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।












