अर्पित तिवारी,बलरामपुर,छत्तीसगढ़,5अगस्त2026
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत कुसमी जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत चैनपुर में,आवास सूची को लेकर उठे विवाद पर जिला प्रशासन ने अपना आधिकारिक पक्ष रखा हैं। जिला पंचायत CEO ने स्पष्ट किया हैं,कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संचालित की जा रही हैं,और जिन हितग्राहियों को सूची से अपात्र घोषित किया गया हैं,वे 16 अगस्त 2026 तक दावा-आपत्ति प्रस्तुत कर सकते हैं।
🟠CEO बोले किसी पात्र हितग्राही के साथ नहीं होगा अन्याय
जिला पंचायत CEO ने कहा कि आवास सूची को, लेकर प्राप्त शिकायतों पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही हैं। जो लोग स्वयं को पात्र मानते हैं, वे निर्धारित समय सीमा तक अपने दस्तावेज़ों के साथ दावा-आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। सभी आवेदनों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
🟠क्या हैं,पूरा मामला?
बताया जा रहा हैं,कि 26 जून 2026 को आयोजित विशेष ग्राम सभा में करीब 85 गरीब परिवारों का चयन प्रधानमंत्री आवास योजना (आवास प्लस) के लिए पात्र हितग्राहियों के रूप में किया गया था।ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम सभा के बाद पंचायत स्तर पर कथित रूप से सूची में फेरबदल कर कई परिवारों को चार पहिया वाहन होने या पूर्व में आवास मिलने जैसे कारण बताते हुए अपात्र घोषित कर दिया गया। इसके विरोध में ग्रामीणों ने कलेक्टर और जिला पंचायत CEO से शिकायत कर निष्पक्ष जांच की मांग की थी।
🟠16 अगस्त तक मिलेगा दावा-आपत्ति का अवसर
प्रशासन ने स्पष्ट किया हैं,कि जिन हितग्राहियों को सूची से बाहर किया गया हैं,वे 16 अगस्त 2026 तक जनपद पंचायत या जिला पंचायत कार्यालय में लिखित दावा-आपत्ति और आवश्यक दस्तावेज़ जमा कर सकते हैं।
🟠भौतिक सत्यापन के बाद होगी कार्रवाई
दावा-आपत्ति की समय सीमा समाप्त होने के बाद गठित जांच टीम संबंधित गांव में पहुंचकर स्थलीय सत्यापन करेगी। यदि जांच में ग्राम सभा के निर्णय में अवैध फेरबदल, गलत रिपोर्ट या अन्य अनियमितता की पुष्टि होती हैं,तो संबंधित पंचायत प्रतिनिधियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
🟠प्रशासन की नजर पूरे मामले पर
जिला पंचायत CEO के बयान के बाद प्रशासनिक स्तर पर मामले की गंभीरता बढ़ गई हैं। अब सभी की नजर 16 अगस्त के बाद होने वाली जांच और उसके निष्कर्षों पर टिकी हैं, जिससे यह तय होगा,कि विवादित सूची में संशोधन होगा या जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई।












