अर्पित तिवारी,बलरामपुर,छत्तीसगढ़,5अगस्त2026
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में डिजिटल सुशासन को मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि सामने आई हैं। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के सेवा सेतु केंद्र में कार्यरत वीएलई (Village Level Entrepreneur) निर्दोष लकड़ा ने वर्ष 2025-26 में, 13,912 आवेदनों का सफल निराकरण कर पूरे छत्तीसगढ़ में टॉप ट्रांजैक्शन वीएलई बनने का गौरव हासिल किया हैं।इस उत्कृष्ट उपलब्धि पर रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने उन्हें प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
🟠13,912 सेवाओं का रिकॉर्ड, प्रदेश में पहला स्थान
सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से निर्दोष लकड़ा ने एक वर्ष में 13,912 शासकीय आवेदनों का समयबद्ध और सफल निराकरण कर नया रिकॉर्ड बनाया। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल बलरामपुर जिले का नाम रोशन किया, बल्कि प्रदेश में डिजिटल प्रशासन और जनसेवा की प्रभावशीलता का भी उदाहरण प्रस्तुत किया।
🟠ग्रामीणों को घर के पास मिल रही शासकीय सेवाएं
जिले में सेवा सेतु पोर्टल के प्रभावी संचालन से अब ग्रामीणों को आय, जाति, निवास, जन्म एवं मृत्यु प्रमाण-पत्र सहित कई शासकीय सेवाओं के लिए जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। अधिकांश सेवाएं स्थानीय स्तर पर ही पारदर्शी, सरल और निर्धारित समय-सीमा में उपलब्ध हो रही हैं।
🟠तकनीक से आसान बना हजारों लोगों का जीवन
निर्दोष लकड़ा ने तकनीक का प्रभावी उपयोग, कार्य के प्रति समर्पण और जनसेवा की भावना के साथ हजारों ग्रामीण परिवारों तक सरकारी योजनाओं और सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित की हैं। उनका सेवा केंद्र आज ग्रामीणों के लिए केवल एक सुविधा केंद्र नहीं, बल्कि भरोसेमंद समाधान का केंद्र बन चुका हैं।
🟠“जनसेवा ही सबसे बड़ा उद्देश्य”
सम्मान प्राप्त करने के बाद निर्दोष लकड़ा ने कहा,कि उनका उद्देश्य केवल शासकीय सेवाएं उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि तकनीक के माध्यम से प्रत्येक नागरिक का जीवन आसान बनाना हैं। उन्होंने कहा,कि जब लोगों का समय और संसाधन बचते हैं तथा उन्हें बिना किसी परेशानी के सेवाएं मिलती हैं, तभी डिजिटल भारत और सुशासन की अवधारणा सार्थक होती हैं।
🟠डिजिटल सुशासन की मिसाल बना बलरामपुर
बलरामपुर जिले में सेवा सेतु पोर्टल का प्रभावी क्रियान्वयन मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की डिजिटल सेवा विस्तार और सुशासन की सोच को धरातल पर उतारने का सफल उदाहरण बनकर उभरा हैं। यह उपलब्धि प्रदेश के अन्य सेवा केंद्रों के लिए भी प्रेरणादायक मानी जा रही हैं।












