संदिली सिंह,रायपुर,28अगस्त2025/विशेष रिपोर्ट-Nexis News
राज्यपाल रमेन डेका ने,रायगढ़ जिले में आयोजित 40वें चक्रधर समारोह का भव्य शुभारंभ किया।विघ्नहर्ता गणेश की आराधना से प्रारंभ हुए इस आयोजन को उन्होंने “अतीत की स्वर्णिम स्मृतियों से जोड़ने और अमूल्य सांस्कृतिक विरासत को संजोने का महान संकल्प” बताया।
राज्यपाल डेका ने अपने संबोधन में कहा,कि रायगढ़ घराना भारतीय शास्त्रीय संगीत, नृत्य और साहित्य की अनमोल धरोहर हैं।राजा चक्रधर सिंह ने कथक को नई ऊँचाइयाँ दीं और अपनी रचनाओं नर्तन सर्वस्व, तालतोय निधि तथा राग रत्न मंजूषा के माध्यम से संगीत व नृत्य को नई दिशा प्रदान की। उन्होंने रायगढ़ की धरती को वह भूमि बताया, जहाँ बिस्मिल्ला खाँ की शहनाई, हरिप्रसाद चौरसिया की बाँसुरी और पं. जसराज की स्वर लहरियाँ गूँजती रही हैं।
🟠केंद्रीय मंत्री का संबोधन
केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा,कि भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी ताकत उसकी विविधता में एकता हैं। उन्होंने कहा,कि कथक में जयपुर और बनारस घरानों की प्रसिद्धि के बीच रायगढ़ घराने की स्थापना कर राजा चक्रधर सिंह ने भारतीय संस्कृति को नया आयाम दिया।
उन्होंने यह भी कहा,कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ नक्सल छवि से बाहर निकलकर संस्कृति और पर्यटन की नई पहचान बना रहा हैं। शेखावत ने विश्वास जताया कि आगामी दस दिनों तक रायगढ़ संस्कृति, साहित्य और कला के रंगों से सराबोर रहेगा।
🟠वित्त मंत्री का वक्तव्य
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा,कि चक्रधर समारोह को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। रायगढ़ में हो रहे लगातार विकास कार्यों से यहाँ की सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान और मजबूत हो रही हैं। उन्होंने भोरमदेव मंदिर सहित अनेक पर्यटन स्थलों के विकास के लिए विशेष राशि आवंटन का भी उल्लेख किया।
🟠अन्य जनप्रतिनिधियों के विचार
राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा,कि एक गोंड आदिवासी राजा द्वारा कथक नृत्य को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाना इतिहास का स्वर्णिम अध्याय हैं। रायगढ़ सांसद राधेश्याम राठिया ने कहा,कि इस आयोजन से रायगढ़ की प्रतिष्ठा और बढ़ी हैं।
🟠आयोजन में बड़ी संख्या में मौजूद रहे दर्शक
इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, सांसद कमलेश जांगड़े, सांसद रूपकुमारी चौधरी, राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया, नगर निगम महापौर जीववर्धन चौहान सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, नागरिक और दर्शकगण मौजूद रहे।
आने वाले दस दिनों तक रायगढ़ शास्त्रीय संगीत, नृत्य और लोककलाओं के अद्भुत संगम का साक्षी बनेगा।












