संदिली सिंह,रायपुर/छत्तीसगढ़,29सितंबर2025,विशेष रिपोर्ट-Nexis News
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित गुरु शरणम् – मैत्री महोत्सव – क्षमादान उत्सव में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा,कि ‘उत्तम क्षमा, सबसे क्षमा और सबको क्षमा’—यही बड़प्पन और वसुधैव कुटुम्बकम की सच्ची भावना हैं।
सकल दिगम्बर जैन समाज द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित इस भव्य आयोजन में पूज्य आर्यिकारत्न 105 अंतर्मति माताजी ससंघ का सान्निध्य प्राप्त हुआ। कार्यक्रम में विधायक राजेश मूणत, जैन समाज के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने जैन समाज की पारंपरिक पगड़ी और गमछा पहनकर सम्मान ग्रहण किया तथा आचार्य विद्यासागर कल्याण सेवा संस्था के लोगो का विमोचन किया। इस अवसर पर समाज सेवा, आयुर्वेद और जैन तीर्थ निर्माण में योगदान देने वाले मनीष जैन, विजय गोधा और सुनील संगोलिया को सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा—
“भारत केवल सभ्यता और संस्कृति की जननी नहीं, बल्कि आध्यात्मिकता की प्रयोगशाला भी रहा हैं। जैन धर्म के आदर्श—अहिंसा, अपरिग्रह और अनेकांतवाद—सिर्फ जैन समाज की धरोहर नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की आत्मा हैं।”
उन्होंने आचार्य विद्यासागर जी के जीवन को त्याग, सेवा और आत्मसंयम का प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा,कि छत्तीसगढ़ के लिए यह गर्व का विषय हैं,कि आचार्य जी ने अपने कठोर साधना के अनेक वर्ष यहाँ बिताए और चंद्रगिरि तीर्थ पर समाधि ली।
सकल दिगम्बर जैन समाज के अध्यक्ष विनोद बड़जात्या और सीआईआई अध्यक्ष संजय बड़जात्या ने आचार्य विद्यासागर कल्याण योजना की जानकारी दी और अधिक से अधिक लोगों से इसमें जुड़ने की अपील की।
कार्यक्रम में नरेन्द्र जैन, यशवंत जैन, रतनलाल बड़जात्या, सुधीर बाकलीवाल सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।












