संदिली सिंह,रायपुर/छत्तीसगढ़,29सितंबर2025,विशेष रिपोर्ट-Nexis News
भारत मंडपम, नई दिल्ली में 25 से 28 सितम्बर तक आयोजित वर्ल्ड फूड इंडिया 2025 में छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले का ब्रांड जशप्योर ने अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराई। आदिवासी महिलाओं की मेहनत और नवाचार से तैयार किए गए महुआ और मिलेट्स आधारित उत्पादों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर छत्तीसगढ़ की नई पहचान बनाई।
एक समय महुआ का उपयोग केवल शराब बनाने के लिए होता था। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की दूरदर्शी सोच और पहल ने महुआ को पोषण और स्वास्थ्य से जोड़ दिया। उनका कहना हैं,कि महुआ और मिलेट्स जैसे पारंपरिक उत्पादों को आधुनिक विज्ञान और नवाचार के साथ जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के साथ-साथ छत्तीसगढ़ का पोषण क्षेत्र में योगदान बढ़ रहा हैं।
🟠जशप्योर के प्रमुख उत्पाद और आकर्षण
🔸️महुआ नेक्टर : दूध, मिठाइयों और पेय पदार्थों में प्राकृतिक स्वीटनर के रूप में सराहना।
🔸️महुआ आधारित च्यवनप्राश : बिना शक्कर, गुड़ और शहद के स्वास्थ्यवर्धक विकल्प।
🔸️महुआ टी, कूकीज और एनर्जी स्नैक्स : स्वाद और पोषण का बेहतरीन मिश्रण।
🔸️मिलेट उत्पाद : कुटकी, कोदो और बकव्हीट से बने 15+ वैरायटी के पास्ता, पौष्टिक स्नैक्स और बेकरी प्रोडक्ट्स।
🔸️अंतरराष्ट्रीय डेलिगेट्स, विशेष रूप से एस्वातिनी (Eswatini) देश के कृषि मंत्री और कृषि निदेशक, ने महुआ नेक्टर की गुणवत्ता और पोषण मूल्य की प्रशंसा की।
🟠आदिवासी महिलाओं का योगदान
जशप्योर के पीछे जशपुर की आदिवासी महिला उद्यमी हैं, जो जय जंगल एफपीसी के तहत काम कर रही हैं। उन्होंने फूड-ग्रेड हार्वेस्टिंग और वैज्ञानिक प्रोसेसिंग अपनाकर महुआ और मिलेट्स को आधुनिक सुपरफूड में बदल दिया हैं।छत्तीसगढ़ सरकार लगातार ग्रामीण उत्पादों को बढ़ावा देने और आदिवासी महिलाओं की आजीविका सशक्त बनाने के लिए प्रयासरत हैं।
🟠निष्कर्ष
वर्ल्ड फूड इंडिया 2025 में जशप्योर की प्रभावी उपस्थिति इस बात का प्रमाण हैं,कि परंपरा, मेहनत, नवाचार और मुख्यमंत्री की दूरदर्शी सोच मिलकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था और छत्तीसगढ़ की खाद्य संस्कृति को वैश्विक पहचान दिला सकते हैं। महुआ और मिलेट्स अब शराब से हटकर पोषण और स्वास्थ्य के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहे हैं।












