राज्य में मरीजों की सुरक्षा सर्वोपरि : CGMSC ने तीन दवाओं को तीन वर्ष के लिए ब्लैकलिस्ट किया

संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़/12नवंबर2025/विशेष रिपोर्ट-Nexis News

छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (CGMSC) ने दवाओं की गुणवत्ता में कमी पर सख्त रुख अपनाते हुए,तीन दवाओं को अमानक (NSQ) पाए जाने के बाद अगले तीन वर्षों के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया हैं।यह कार्रवाई कॉरपोरेशन की “शून्य सहनशीलता नीति (Zero Tolerance Policy)” के तहत की गई हैं।

🟠अमानक गुणवत्ता पर सख्त कदम

CGMSC ने स्पष्ट किया हैं,कि रिपोर्ट में दोषी पाए गए आपूर्तिकर्ता अब ब्लैकलिस्टिंग की अवधि समाप्त होने तक किसी भी नई सरकारी निविदा में भाग नहीं ले सकेंगे।यह कदम राज्य में मरीजों को केवल गुणवत्तायुक्त दवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्रवाई मानी जा रही हैं।

🟠ये दवाएं पाई गईं अमानक

मेसर्स एजी पैरेंटेरल्स, विलेज गुग्गरवाला, बद्दी (हिमाचल प्रदेश) द्वारा आपूर्ति की गई —

🔸️कैल्शियम (एलिमेंटल) विद विटामिन D3 टैबलेट्स

🔸️ऑर्निडाजोल टैबलेट्स

दोनों दवाएं NABL मान्यता प्राप्त सरकारी परीक्षण प्रयोगशालाओं में “अमानक (Not of Standard Quality – NSQ)” पाई गईं।

🟠मेसर्स डिवाइन लेबोरेट्रीज प्रा. लि., वडोदरा (गुजरात) द्वारा आपूर्ति की गई —

🔸️हेपारिन सोडियम 1000 IU/ml इंजेक्शन IP

यह दवा भी सेंट्रल ड्रग्स लेबोरेट्री (CDL), कोलकाता में परीक्षण के दौरान अमानक पाई गई।इन तीनों उत्पादों को निविदा शर्तों के अनुसार तत्काल प्रभाव से तीन वर्षों की अवधि तक ब्लैकलिस्ट कर दिया गया हैं।

🟠गुणवत्ता पर सख्त निगरानी

CGMSC ने बताया,कि उसकी क्वालिटी एश्योरेंस एवं कंट्रोल पॉलिसी के अंतर्गत प्रत्येक बैच की निरंतर मॉनिटरिंग,पुनः परीक्षण, और गुणवत्ता विचलन पर तत्काल कार्रवाई को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती हैं।कॉरपोरेशन की सभी कार्रवाइयां CDSCO, ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 एवं नियम 1945 के प्रावधानों के अनुसार की जाती हैं,ताकि केवल सुरक्षित एवं मानक दवाएं ही मरीजों तक पहुँचें।

🟠स्वास्थ्य मंत्री ने कहा — मरीजों की सुरक्षा सर्वोपरि

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा,कि राज्य सरकार मरीजों की सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं करेगी।

उन्होंने कहा —

“मरीजों की सुरक्षा सर्वोपरि हैं। यदि दवा की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की चूक पाई जाती हैं, तो कार्रवाई जारी रहेगी। राज्य में गुणवत्तायुक्त स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता हैं।”

CGMSC की यह कार्रवाई स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में जवाबदेही और पारदर्शिता की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही हैं।यह निर्णय न केवल मरीजों की सुरक्षा को सशक्त बनाता हैं,बल्कि राज्य में गुणवत्तायुक्त दवा वितरण प्रणाली को और अधिक विश्वसनीय बनाता हैं।

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