संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,21नवंबर2025,विशेष रिपोर्ट-Nexis News
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्यभर की शहरी और ग्रामीण गाइडलाइन दरों का वैज्ञानिक व तर्कसंगत पुनरीक्षण करते हुए, ऐतिहासिक निर्णय लिया हैं। यह कदम न केवल पारदर्शिता बढ़ाएगा बल्कि किसानों, भूमिस्वामियों और आम नागरिकों को सीधा आर्थिक लाभ भी देगा।
🟠क्यों जरूरी था यह पुनरीक्षण
🔸️गाइडलाइन दरों में वर्ष 2017-18 के बाद कोई संशोधन नहीं हुआ था।
🔸️वास्तविक बाजार मूल्य और गाइडलाइन दरों में बड़ा अंतर
🔸️किसानों को मुआवज़ा कम मिलना
🔸️संपत्ति मालिकों को बैंक लोन कम स्वीकृत होना
🔸️शहरी इलाकों में एक ही सड़क पर अलग-अलग दरें
🔸️नई बसाहटों, हाईवे और कॉलोनियों की दरें दर्ज न होना
🔸️जैसी समस्याएँ लगातार बढ़ रही थीं।
🟠नया ढांचा – बेहतर, आसान और वैज्ञानिक
पंजीयन मंत्री ओ. पी. चौधरी के निर्देश पर दरों का पुनरीक्षण पूरी तरह वैज्ञानिक और पारदर्शी प्रक्रिया से किया गया हैं।
🟠कितनी हुई वृद्धि? लाभ कितना?
शहरी क्षेत्रों में लगभग 20% की तर्कसंगत वृद्धि ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों के हित में 50% से 300% तक वृद्धि, भूमि अधिग्रहण में 3 गुना तक अधिक मुआवज़ा सीधा लाभ किसानों को ज्यादा मुआवज़ा संपत्ति पर अधिक बैंक लोन नागरिकों को अपनी संपत्ति की स्पष्ट गाइडलाइन दरें मूल्य विसंगतियों का पूर्ण समाधान।
🟠सरकार का संदेश
नई गाइडलाइन दरें हर नागरिक को उनकी संपत्ति का वास्तविक, न्यायसंगत मूल्य दिलाने की दिशा में बड़ा कदम हैं। इससे राज्य की आर्थिक व्यवस्था और अधिक पारदर्शी और संतुलित बनेगी।












