संदिली सिंह,दंतेवाड़ा,छत्तीसगढ़,8जून2026/विशेष रिपोर्ट-Nexis News
छत्तीसगढ़ सरकार किसानों की आय में वृद्धि, मिट्टी की सेहत सुधारने और लोगों को पौष्टिक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के,उद्देश्य से प्राकृतिक खेती और मिलेट्स (मोटे अनाज) को बढ़ावा देने के लिए दंतेवाड़ा जिले में महत्वाकांक्षी “खेत बचाओ अभियान” शुरू करने जा रही हैं। कृषि विभाग द्वारा तैयार इस विशेष कार्ययोजना का लक्ष्य खेती को अधिक टिकाऊ, कम लागत वाला और पर्यावरण अनुकूल बनाना हैं।अभियान के तहत प्राकृतिक खेती को जनआंदोलन का स्वरूप देने, मिट्टी की उर्वरता संरक्षित करने, जल संरक्षण बढ़ाने और पारंपरिक बीजों को बचाने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
🟠प्राकृतिक खेती से बढ़ेगा मुनाफा, घटेगी लागत
प्राकृतिक खेती में रासायनिक खाद और कीटनाशकों के उपयोग को कम कर जैविक संसाधनों पर आधारित खेती को बढ़ावा दिया जाता हैं। इससे किसानों की उत्पादन लागत घटती हैं,मिट्टी की गुणवत्ता लंबे समय तक बनी रहती हैं और उपभोक्ताओं को रसायनमुक्त खाद्य उत्पाद उपलब्ध होते हैं।विशेषज्ञों के अनुसार प्राकृतिक खेती जल संरक्षण में भी सहायक हैं और खेती को जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के प्रति अधिक सक्षम बनाती हैं।
🟠‘श्री अन्न’ बनेंगे किसान समृद्धि का आधार
अभियान के अंतर्गत ज्वार, बाजरा, रागी (मड़िया), कोदो और कुटकी जैसी फसलों को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जाएगा। इन मोटे अनाजों को ‘सुपरफूड’ और ‘श्री अन्न’ का दर्जा प्राप्त है।मिलेट्स कम पानी और कम लागत में तैयार होते हैं तथा सूखा-रोधी फसलें मानी जाती हैं। साथ ही इनमें भरपूर पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी हैं।
🟠अभियान के प्रमुख लक्ष्य
खेत बचाओ अभियान के माध्यम से—
🔸️मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार
🔸️प्राकृतिक खेती का विस्तार
🔸️पारंपरिक बीजों का संरक्षण
🔸️जल एवं नमी संरक्षण
🔸️जैविक खेती को बढ़ावा
🔸️किसानों की लागत में कमी
🔸️पर्यावरण संतुलन को मजबूत करना जैसे उद्देश्यों को हासिल करने का लक्ष्य रखा गया हैं।
🟠पांच चरणों में होगा क्रियान्वयन
🔸️योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा
🔸️मृदा स्वास्थ्य मैपिंग और सॉयल हेल्थ कार्ड सुदृढ़ीकरण
🔸️रागी, कोदो, कुटकी सहित मिलेट्स उत्पादन को बढ़ावा
🔸️जैविक खाद, वर्मी कम्पोस्ट एवं ब्लू-ग्रीन एल्गी उत्पादन का प्रशिक्षण
🔸️सामुदायिक बीज बैंक और पारंपरिक बीज मंडियों की स्थापना
🔸️खेतों की मेड़ों पर ग्लिरिसिडिया सहित हरित खाद देने वाले पौधों का रोपण
🔸️अभियान के तहत एक लाख पौधों के वितरण और रोपण का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया हैं।
🟠135 ग्राम पंचायतों में लागू होगी योजना
वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले की 135 ग्राम पंचायतों में अभियान संचालित किया जाएगा।
इसके अंतर्गत—
🔸 4,600 हेक्टेयर में प्राकृतिक खेती
🔸 4,300 हेक्टेयर में मिलेट्स उत्पादन
🔸 40 सामुदायिक बीज बैंकों की स्थापना का लक्ष्य तय किया गया हैं।
🟠किसानों को होंगे कई फायदे
कृषि विभाग के अनुसार अभियान के सफल क्रियान्वयन से अगले तीन वर्षों में मिट्टी के जैविक कार्बन स्तर में वृद्धि होगी। साथ ही रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों पर निर्भरता कम होने से किसानों की लागत में 35 से 40 प्रतिशत तक कमी आने की संभावना है।दंतेवाड़ा में उत्पादित मिलेट्स को राष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के प्रयास भी किए जाएंगे, जिससे किसानों को बेहतर मूल्य प्राप्त हो सकेगा।
🟠बहुफसली खेती को मिलेगा बढ़ावा
रागी के अलावा कोदो-कुटकी, ज्वार, बाजरा, मक्का, दलहन और तिलहन जैसी फसलों को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। कृषि विभाग किसानों को बहुफसली खेती अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा हैं,ताकि आय के स्रोत बढ़ें और खेती अधिक टिकाऊ बन सके।विशेषज्ञों का मानना हैं,कि यह अभियान केवल खेती में बदलाव नहीं, बल्कि मिट्टी, जल, जैव विविधता और किसानों की आजीविका को सुरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।












