न्यूज डेस्क,राउरकेला,उड़ीसा,8जून2026
राउरकेला में नशे के कारोबार के खिलाफ प्रशासन ने, अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम देते हुए,कथित ड्रग्स तस्करों से जुड़े चार परिवारों के सात मकानों पर बुलडोजर चला दिया। प्लांट साइट थाना क्षेत्र के नालारोड स्थित मीनापाड़ा बस्ती में सोमवार को हुई इस कार्रवाई ने पूरे शहर में हलचल मचा दी।भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में घंटों चली इस कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में रखा गया। प्रशासन का स्पष्ट संदेश था,कि युवाओं की जिंदगी से खिलवाड़ करने वालों के लिए अब किसी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी।
🟠220 ग्राम हेरोइन के साथ खुला था नशे का बड़ा नेटवर्क
दरअसल, 24 मई को पुलिस ने मीनापाड़ा क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर छापेमारी की थी। इस दौरान करीब 220 ग्राम हेरोइन बरामद की गई थी, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत एक करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई थी।
🟠कार्रवाई के दौरान पुलिस ने:
🔸️ 220 ग्राम हेरोइन जब्त की
🔸️ ₹2.70 लाख नकद बरामद किए
🔸️ 3 मोबाइल फोन जब्त किए
🔸️ 6 महिलाओं समेत 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
जांच में सामने आया,कि आरोपियों का संबंध लंबे समय से नशे के कारोबार से था और कुछ के खिलाफ पहले से भी मादक पदार्थ तस्करी के मामले दर्ज हैं।
🟠 नशा कारोबारियों को कड़ा संदेश
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना हैं,कि शहर में नशे के कारोबार को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं दिया जाएगा। अवैध गतिविधियों से अर्जित संपत्तियों और अवैध निर्माणों पर भी लगातार कार्रवाई की जाएगी।मीनापाड़ा में हुई बुलडोजर कार्रवाई को केवल अवैध निर्माण हटाने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि नशे के कारोबार के खिलाफ प्रशासन की निर्णायक लड़ाई के रूप में देखा जा रहा हैं।
🟠स्थानीय लोगों ने किया स्वागत
क्षेत्र के कई लोगों ने प्रशासन की कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा,कि लंबे समय से इलाके में नशे के कारोबार की शिकायतें मिल रही थीं। उनका मानना हैं, कि ऐसे कदमों से युवाओं को नशे की गिरफ्त में जाने से रोका जा सकेगा और समाज में सकारात्मक संदेश जाएगा।हालांकि इस कार्रवाई के बाद सबसे बड़ा सवाल यही हैं,कि क्या जांच एजेंसियां केवल स्थानीय स्तर के आरोपियों तक सीमित रहेंगी या फिर इस नेटवर्क के पीछे मौजूद बड़े सप्लायरों और सरगनाओं तक भी पहुंचेंगी?शहरवासियों का मानना हैं,कि यदि नशे के पूरे नेटवर्क को खत्म करना है तो केवल छोटे तस्करों पर नहीं, बल्कि पूरे सिंडिकेट पर कार्रवाई जरूरी हैं।












