न्यूज डेस्क,दुर्ग,छत्तीसगढ़,9जून2026
कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों का उपयोग किसानों की आय,और उत्पादकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा हैं। दुर्ग जिले के ग्राम डूंडेरा के प्रगतिशील किसान पुरेंद्र कुमार यादव ने धान की खेती में नैनो डीएपी और नैनो यूरिया का उपयोग कर बेहतर उत्पादन और कम लागत का सफल उदाहरण प्रस्तुत किया हैं।
कृषि विभाग के मार्गदर्शन में यादव ने अपनी धान फसल में नैनो उर्वरकों का प्रयोग किया। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए, जिससे फसल को संतुलित और प्रभावी पोषण मिला। उन्होंने बताया,कि नैनो उर्वरकों के उपयोग से पौधों की वृद्धि बेहतर हुई, फसल अधिक स्वस्थ और मजबूत दिखाई दी तथा उत्पादन की गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया।
🟠कम लागत, अधिक सुविधा और बेहतर परिणाम
यादव के अनुसार पारंपरिक बोरा बंद उर्वरकों की तुलना में नैनो डीएपी और नैनो यूरिया का उपयोग अधिक सुविधाजनक और किफायती साबित हुआ। कम मात्रा में उपयोग किए जाने वाले इन उर्वरकों से फसल को आवश्यक पोषक तत्व प्रभावी ढंग से प्राप्त हुए, जिससे उर्वरक लागत में कमी आई। साथ ही परिवहन, भंडारण और श्रम संबंधी खर्चों में भी बचत हुई।
🟠वैज्ञानिक और टिकाऊ खेती की ओर बढ़ते कदम
धान की खेती में मिले उत्साहजनक परिणामों से उत्साहित यादव का मानना हैं,कि नैनो उर्वरक खेती को अधिक वैज्ञानिक, टिकाऊ और लाभकारी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। वे अन्य किसानों को भी आधुनिक तकनीकों को अपनाने और खेती में नवाचार करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, “नैनो डीएपी और नैनो यूरिया आने वाले समय में किसानों के लिए भरोसेमंद साथी साबित होंगे। इससे खेती की लागत कम होती हैं, फसल को बेहतर पोषण मिलता हैं,और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलती हैं। सभी किसान भाई इन उन्नत उर्वरकों का उपयोग कर इसका लाभ उठाएं।”
🟠कृषि विभाग चला रहा जागरूकता अभियान
उल्लेखनीय हैं,कि कृषि विभाग द्वारा किसानों को नैनो उर्वरकों के उपयोग के प्रति लगातार जागरूक किया जा रहा हैं। जिले में इसके बढ़ते उपयोग से किसानों को कम लागत में बेहतर उत्पादन और अधिक लाभ प्राप्त हो रहा हैं। यह पहल खेती को पर्यावरण अनुकूल, संसाधन-संरक्षण आधारित और अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रही हैं।











