न्यूज डेस्क,हैदराबाद,12जून2026
छत्तीसगढ़ ने निवेश आकर्षित करने की दिशा में,एक बड़ी उपलब्धि हासिल की हैं। हैदराबाद में आयोजित “छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट” कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख कंपनियों ने राज्य में कुल 9,580 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव दिए हैं। इन परियोजनाओं से लगभग 7,800 से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना हैं।कार्यक्रम में मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने देश-विदेश के निवेशकों को संबोधित करते हुए, छत्तीसगढ़ को “निवेश के लिए रेड कारपेट स्टेट” बताते हुए राज्य में निवेश का खुला आमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक नीति के बाद छत्तीसगढ़ तेजी से देश के प्रमुख निवेश गंतव्यों में शामिल हो रहा हैं।
🟠प्रमुख निवेश प्रस्ताव
कार्यक्रम में कई बड़ी कंपनियों ने निवेश प्रस्ताव प्रस्तुत किए—
हाइपरनेक्स्ट डेटा सेंटर लिमिटेड ने ₹4,200 करोड़ का निवेश प्रस्ताव दिया, जिससे डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती मिलेगी।फीग्रेड एंड कंपनी प्रा. लि. ने सीमेंट सेक्टर में ₹2,912 करोड़ निवेश का प्रस्ताव दिया।निवाई लैब्स प्रा. लि. ने एआई, सेमीकंडक्टर और GPU इंफ्रास्ट्रक्चर में ₹1,000 करोड़ का प्रस्ताव दिया।एसजी मार्ट लिमिटेड ने सौर ऊर्जा उपकरण निर्माण में ₹700 करोड़ का निवेश प्रस्ताव रखा।सरवणा मिल्स प्रा. लि. ने टेक्सटाइल सेक्टर में ₹528 करोड़ का प्रस्ताव दिया।काबरा ड्रग्स और दिनशॉज़ डेयरी फूड्स ने क्रमश फार्मा और डेयरी सेक्टर में निवेश प्रस्ताव प्रस्तुत किए।
🟠रोजगार और औद्योगिक विकास
इन परियोजनाओं से आईटी, टेक्सटाइल, डेटा सेंटर, फार्मा, सौर ऊर्जा और सीमेंट जैसे क्षेत्रों में हजारों रोजगार के अवसर बनेंगे। सरकार का कहना है कि ये निवेश राज्य के औद्योगिक ढांचे को नई गति देंगे।
🟠छत्तीसगढ़ बना निवेश का उभरता हब
मुख्यमंत्री ने बताया,कि नई औद्योगिक नीति के बाद राज्य को अब तक 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सिंगल विंडो सिस्टम, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक कनेक्टिविटी के कारण निवेशकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा हैं।उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ मध्य भारत का सबसे मजबूत लॉजिस्टिक हब बनने की क्षमता रखता हैं,और 60 करोड़ उपभोक्ताओं तक सीधी पहुंच इसे और आकर्षक बनाती हैं।कार्यक्रम के दौरान उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ कई उच्च स्तरीय बैठकें भी हुईं, जिनमें भविष्य के निवेश अवसरों पर विस्तार से चर्चा की गई।












