डेनियल सेप्टी,कांकेर,छत्तीसगढ़,14जून2026
जिले में गंभीर मरीजों के लिए इमरजेंसी ICU सुविधा का अभाव एक बार फिर चर्चा में हैं। केशकाल निवासी डायलिसिस मरीज सगाई भाई मांडवी की हालत बिगड़ने पर उन्हें कांकेर से रायपुर रेफर किया गया, लेकिन वहां समय पर इलाज और भर्ती नहीं मिलने से परिजनों को पूरी रात अस्पतालों के चक्कर काटने पड़े।परिजनों का आरोप हैं,कि मरीज को 108 एंबुलेंस से रायपुर लाया गया, जहां एक अस्पताल के बाहर छोड़ दिया गया। अस्पताल में भर्ती नहीं मिलने के बाद परिजन गंभीर हालत में मरीज को लेकर एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल तक भटकते रहे। इस दौरान मरीज की स्थिति लगातार नाजुक बनी रही।
परिवार का कहना हैं,कि रात करीब 10 बजे तक कई निजी अस्पतालों में भर्ती के प्रयास किए गए, लेकिन कहीं भी तत्काल इलाज की व्यवस्था नहीं हो सकी। मरीज की हालत बिगड़ती रही और परिजन असहाय होकर मदद की गुहार लगाते रहे।इस घटना ने कांकेर जिले की स्वास्थ्य सुविधाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि जिले में अत्याधुनिक इमरजेंसी ICU और क्रिटिकल केयर यूनिट की लंबे समय से जरूरत महसूस की जा रही हैं। गंभीर मरीजों को रायपुर रेफर करने की मजबूरी कई बार जानलेवा साबित हो सकती हैं।
लोगों का कहना हैं,कि यदि कांकेर जिला अस्पताल में पर्याप्त ICU बेड और विशेषज्ञ चिकित्सकों की व्यवस्था होती, तो मरीजों और उनके परिवारों को इस तरह की परेशानी नहीं झेलनी पड़ती। अब इस मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।परिजनों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि कांकेर में जल्द से जल्द अत्याधुनिक इमरजेंसी ICU की स्थापना की जाए, ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसी पीड़ा का सामना न करना पड़े।












