डेनियल सेप्टी,बस्तर,छत्तीसगढ़,24जून2026
बस्तर संभाग के लाखों लोगों के लिए राहत भरी खबर हैं। जगदलपुर स्थित ऐतिहासिक महारानी अस्पताल का अब व्यापक कायाकल्प किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशों के तहत अस्पताल को, आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से सुसज्जित करने के लिए 7 करोड़ 1 लाख रुपये से अधिक की लागत का प्रस्ताव तैयार किया गया हैं। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत अस्पताल को चरणबद्ध तरीके से अपग्रेड कर सुपर-स्पेशलिटी स्तर की स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।जगदलपुर कलेक्टर आकाश छिकारा की अध्यक्षता में आयोजित जीवन दीप समिति की बैठक में अस्पताल के उन्नयन, नई चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार और मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
🟠आधुनिक ऑपरेशन थिएटर और हाईटेक मशीनों से बढ़ेगी इलाज की क्षमता
अस्पताल में प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग सहित विभिन्न सर्जिकल इकाइयों के लिए अत्याधुनिक मॉड्यूलर, ऑपरेशन थिएटर (OT) विकसित किए जाएंगे। इसके साथ ही सीटी स्कैन जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं के लिए विद्युत व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।अस्पताल को नई तकनीक से लैस करने के लिए कलर डॉपलर, मोबाइल डीआर सिस्टम, एंडोस्कोपी, लेप्रोस्कोपी, नेत्र एवं ईएनटी उपकरणों सहित कई आधुनिक मशीनें खरीदी जाएंगी, जिससे मरीजों को बेहतर और त्वरित उपचार मिल सकेगा।
🟠बच्चों और नवजातों के इलाज पर विशेष फोकस
बस्तर संभाग में बाल स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए 12 बिस्तरों वाला पीडियाट्रिक आईसीयू (PICU) और 30 बिस्तरों वाला शिशु रोग वार्ड जल्द शुरू किया जाएगा। गंभीर रूप से बीमार बच्चों के इलाज के लिए एसएनसीयू और एमएनसीयू वार्डों में भी अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।
🟠सोलर ऊर्जा से आत्मनिर्भर बनेगा अस्पताल
महारानी अस्पताल को ऊर्जा के क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कदम उठाया गया हैं। अस्पताल परिसर में 78 लाख रुपये की लागत से ऑन-ग्रिड सोलर पावर सिस्टम लगाया जाएगा। वहीं बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति से निपटने के लिए 65 लाख रुपये की लागत से हाई कैपेसिटी डीजी सेट भी स्थापित किया जाएगा।इसके अलावा मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा के लिए पार्किंग व्यवस्था और होम शेल्टर का निर्माण भी कराया जाएगा।
🟠स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता पर जोर
जीवन दीप समिति ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से धन्वंतरी दवा केंद्र के वर्तमान अनुबंध को आगे नहीं बढ़ाने की सिफारिश की हैं। वहीं अटल आरोग्य लैब के अंतर्गत माइक्रोबायोलॉजी विभाग को जल्द शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।इसके साथ ही बायो-मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम और एयर हैंडलिंग यूनिटों की मरम्मत एवं उन्नयन को भी मंजूरी दी गई हैं।
🟠तय समय-सीमा में पूरे होंगे सभी कार्य
कलेक्टर आकाश छिकारा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं,कि सभी स्वीकृत कार्य गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य बस्तर के दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना हैं, ताकि उन्हें इलाज के लिए बड़े शहरों की ओर पलायन न करना पड़े।स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना बस्तर के स्वास्थ्य ढांचे को नई पहचान देगी और आने वाले वर्षों में क्षेत्र को आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का प्रमुख केंद्र बनाएगी।











