संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,25जून2026
प्रदेश के कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा हैं,कि यदि आने वाली पीढ़ियों को स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य देना हैं तो किसानों को रासायनिक खादों की अंधाधुंध उपयोग की प्रवृत्ति छोड़कर जैविक और प्राकृतिक खेती की ओर लौटना होगा। उन्होंने कहा,कि मिट्टी की उर्वरा शक्ति बचाने और मानव स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने का सबसे प्रभावी उपाय जैविक खेती हैं।भाटापारा स्थित शासकीय गजानंद अग्रवाल स्नातकोत्तर महाविद्यालय के ऑडिटोरियम में, आयोजित जिला स्तरीय तिलहन मेला सह जैविक कृषि कार्यशाला को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री ने कहा, कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर देशभर में चल रहे “खेत चलो अभियान” का उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक करना हैं।
🟠दलहन-तिलहन की खेती पर मिलेगी विशेष सहायता
कृषि मंत्री ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए बताया, कि कृषक उन्नति योजना के तहत अब खरीफ सीजन में धान के स्थान पर दलहन और तिलहन की खेती करने वाले किसानों को 15 हजार रुपये प्रति एकड़ की आदान सहायता राशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने किसानों से फसल विविधीकरण अपनाकर अपनी आय बढ़ाने का आह्वान किया।
🟠पशुपालन और मत्स्य पालन से बढ़ेगी आय
नेताम ने कहा,कि किसान केवल पारंपरिक खेती तक सीमित न रहें, बल्कि पशुपालन, मछलीपालन और बकरी पालन को भी खेती से जोड़ें। इससे आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
🟠जैविक खेती से ही किसानों की समृद्धि संभव : टंक राम वर्मा
कार्यक्रम में राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा,कि किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को टिकाऊ बनाने के लिए जैविक खेती जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि पहले कृषि व्यवस्था पशुधन आधारित थी, जिससे पर्यावरण और भूमि दोनों सुरक्षित रहते थे। आज रासायनिक खादों के अत्यधिक उपयोग से पानी, मिट्टी और खाद्य पदार्थ प्रभावित हो रहे हैं।
🟠किसानों और मछुआरों को मिला योजनाओं का लाभ
कार्यक्रम में किसानों और मत्स्य समूहों को विभिन्न कृषि आदानों का वितरण किया गया। अतिथियों ने 5 किसानों को अरहर बीज किट, 5 किसानों को नैनो यूरिया तथा 2 मछुआ समितियों को महाजाल और आइस बॉक्स प्रदान किए। इसके अलावा पीएम किसान सम्मान निधि और पीएम आशा योजना में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को सम्मानित भी किया गया।इस अवसर पर राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा, जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।











