संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,25जून2026
नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत उत्साह और उमंग के, साथ करते हुए लखनपुर में आयोजित शाला प्रवेश उत्सव में,नवप्रवेशी विद्यार्थियों का भव्य स्वागत किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने बच्चों का तिलक लगाकर, पुष्प भेंट कर और अध्ययन सामग्री वितरित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।विद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर सभी अतिथियों का स्वागत किया। बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने पूरे आयोजन को उत्साह और उल्लास से भर दिया।
🟠विद्यार्थी जीवन के अनुभव साझा कर किया प्रेरित
अपने संबोधन में मंत्री राजेश अग्रवाल ने विद्यार्थियों के साथ अपने छात्र जीवन के अनुभव साझा करते हुए, कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। निरंतर अध्ययन, अनुशासन, शिक्षकों का सम्मान और माता-पिता का आशीर्वाद ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी हैं।उन्होंने विद्यार्थियों से बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए पूरी मेहनत, लगन और समर्पण के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा,कि आज के विद्यार्थी ही कल देश के वैज्ञानिक, डॉक्टर, शिक्षक, प्रशासक और जनप्रतिनिधि बनेंगे।
🟠शिक्षा और संस्कार दोनों हैं जरूरी
मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि शिक्षा, ज्ञान और संस्कार जीवन की सबसे बड़ी पूंजी हैं। केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि अच्छे संस्कार भी एक मजबूत और जिम्मेदार नागरिक के निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं।उन्होंने विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित कर नियमित अध्ययन करने, अनुशासन का पालन करने और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
🟠शिक्षकों और अभिभावकों से भी की अपील
मंत्री ने शिक्षकों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों के विकास पर भी विशेष ध्यान देने का आग्रह किया। वहीं अभिभावकों से बच्चों की पढ़ाई में निरंतर सहयोग और प्रोत्साहन देने की अपील की।उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा प्राप्त करने का केंद्र नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण पाठशाला हैं।
🟠उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ कार्यक्रम
कार्यक्रम में लुण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज, शिक्षकगण, अभिभावक, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। नवप्रवेशी विद्यार्थियों के सम्मान, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और सामूहिक सहभागिता ने शाला प्रवेश उत्सव को यादगार बना दिया।











