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जहां कभी लगती थी नक्सलियों की चौपाल, वहीं उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने लगाई जनचौपाल; किसकोड़ो को आदर्श ग्राम बनाने का ऐलान

डेनियल सेप्टी,कांकेर,छत्तीसगढ़,27जून2026

उत्तर बस्तर कांकेर जिले के अंतागढ़ विकासखंड स्थित ग्राम किसकोड़ो, जो कभी नक्सल गतिविधियों का प्रमुख केंद्र और बस्तर में नक्सलियों की मांद के रूप में जाना जाता था,वहां शुक्रवार को इतिहास रचा गया। जिस स्थान पर वर्षों तक नक्सलियों की चौपाल लगती थी, उसी स्थान पर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने ग्रामीणों के बीच जनचौपाल लगाकर उनकी समस्याएं सुनीं। यह केवल एक प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बदलते बस्तर और लोकतंत्र की मजबूती का प्रतीक बनकर सामने आया।गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने उप मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने मंच के बजाय ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठकर संवाद किया और एक-एक व्यक्ति की समस्याओं, सुझावों और मांगों को गंभीरता से सुना। जनचौपाल में किसकोड़ो सहित आसपास की आठ पंचायतों के सरपंच, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।🟠ग्रामीणों की मांगों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश

जनचौपाल में ग्रामीणों ने स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार, विद्युत व्यवस्था में सुधार, बंडापाल में बिजली सब-स्टेशन, खाद भंडारण केंद्र, स्कूल की बाउंड्रीवाल और मातला मार्ग पर पाइप पुलिया निर्माण जैसी कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं।उप मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश देते हुए मरीजों के आवागमन के लिए एम्बुलेंस उपलब्ध कराने, बिजली व्यवस्था मजबूत करने और बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट घोषणा की,कि किसकोड़ो को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा और विकास कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।

🟠डर से विकास तक का सफर

उप मुख्यमंत्री ने कहा,कि वर्षों तक भय और हिंसा का सामना करने वाले ग्रामीणों में,अब विकास के प्रति जो उत्साह दिखाई दे रहा हैं,वह बेहद प्रेरणादायक हैं। उन्होंने कहा,कि कभी बंदूक और भय की पहचान रखने वाला किसकोड़ो अब विकास, विश्वास और लोकतंत्र का नया प्रतीक बन रहा हैं।उन्होंने कहा,कि आज गांव में गूंज रहे “भारत माता की जय” के उद्घोष बदलते बस्तर की नई तस्वीर पेश कर रहे हैं। उन्होंने ग्रामीणों को जैविक खेती अपनाने, उत्पादों की ब्रांडिंग करने और लघु वनोपज प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए भी प्रेरित किया।🟠अक्टूबर 2025 तक था,नक्सलियों का गढ़

प्रशासन के अनुसार अक्टूबर 2025 तक किसकोड़ो एरिया कमेटी नक्सली गतिविधियों का प्रमुख केंद्र थी। अब यह क्षेत्र नक्सल प्रभाव से मुक्त घोषित किया जा चुका हैं। हाल ही में गांव में पेयजल संकट दूर करने के लिए बोर खनन कराया गया हैं,जिससे ग्रामीणों को राहत मिली हैं। दौरे के दौरान उप मुख्यमंत्री ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं का भी जायजा लिया।

🟠ग्रामीण बोले— पहली बार सरकार हमारी चौखट तक पहुंची

जनचौपाल में ग्रामीण भावुक नजर आए। उन्होंने कहा, कि जहां पहले नक्सलियों की चौपाल लगती थी, वहीं आज पहली बार प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ने चौपाल लगाकर उनकी समस्याएं सुनी हैं। ग्रामीणों ने बताया, कि एक समय ऐसा था जब शाम ढलते ही लोग घरों से बाहर निकलने से डरते थे, बच्चों को जबरन नक्सली संगठन में शामिल करने का प्रयास होता था और सरकारी कर्मचारी यहां पदस्थापना से भी बचते थे।आज वही गांव विकास, सुरक्षा और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर भरोसे के साथ नई दिशा में आगे बढ़ रहा हैं।इस दौरान कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकाश, जिला पंचायत सीईओ हरेश मंडावी, एडीएम ए.एस. पैकरा, एसडीएम राहुल रजक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

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