अर्पित तिवारी,बलरामपुर,छत्तीसगढ़,28जून 2026
बलरामपुर जिले में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, (आरबीएसके) जरूरतमंद परिवारों के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आ रहा हैं। समय पर स्वास्थ्य जांच, जन्मजात बीमारियों की पहचान और पूरी तरह निःशुल्क उपचार की सुविधा से कई बच्चों को नया जीवन मिल रहा हैं। ऐसा ही एक प्रेरणादायक उदाहरण वाड्रफनगर विकासखंड के जनकपुर निवासी छह माह के मासूम आरुष कुमार यादव का हैं,जिसे जन्म से कटे होंठ (क्लेफ्ट लिप) की गंभीर समस्या थी। आर्थिक तंगी के कारण परिवार इलाज कराने में असमर्थ था, लेकिन राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम ने बच्चे को स्वस्थ जीवन की नई राह दे दी।कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देशन और जिला पंचायत सीईओ नयनतारा सिंह तोमर के मार्गदर्शन में जिले में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम का प्रभावी संचालन किया जा रहा हैं। कार्यक्रम के तहत विशेषज्ञ टीम बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच कर गंभीर बीमारियों से पीड़ित बच्चों की पहचान कर उन्हें उच्च चिकित्सा संस्थानों में निःशुल्क उपचार उपलब्ध करा रही हैं।
🟠आरबीएसके टीम की सतर्कता से बची मासूम की मुस्कान
आरुष के पिता अखिलेश यादव ने बताया,कि जन्म से ही कटे होंठ की वजह से बच्चे को दूध पीने में काफी परेशानी होती थी। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण महंगे ऑपरेशन की उम्मीद लगभग खत्म हो चुकी थी। इसी दौरान नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान आरबीएसके टीम की नजर बच्चे पर पड़ी और उसे उपचार के लिए चिन्हित किया गया।आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षण के बाद आरुष को, रायपुर स्थित श्री मेडिसिन हॉस्पिटल भेजा गया, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में उसका क्लेफ्ट लिप ऑपरेशन पूरी तरह निःशुल्क सफलतापूर्वक किया गया। ऑपरेशन के बाद बच्चे के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हो रहा हैं,और अब वह सामान्य बच्चों की तरह स्वस्थ जीवन की ओर बढ़ रहा हैं।
🟠परिवार ने जताया आभार
आरुष के पिता ने भावुक होकर कहा,कि यदि शासन और स्वास्थ्य विभाग का सहयोग नहीं मिलता तो बेटे का इलाज संभव नहीं हो पाता। उन्होंने जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और आरबीएसके टीम का धन्यवाद देते हुए कहा,कि समय पर मिले इलाज ने न सिर्फ उनके बेटे को नई जिंदगी दी, बल्कि पूरे परिवार की चिंता भी दूर कर दी।
🟠जरूरतमंद परिवारों के लिए वरदान बना आरबीएसके
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जन्मजात विकार, पोषण संबंधी समस्याएं, गंभीर बीमारियां और विकास संबंधी कठिनाइयों से जूझ रहे बच्चों की समय पर पहचान कर उनका निःशुल्क उपचार कराया जा रहा हैं। यह योजना उन परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही हैं,जो आर्थिक अभाव के कारण बच्चों का समुचित इलाज नहीं करा पाते। आरुष की सफलता इस बात का उदाहरण हैं,कि समय पर पहचान और सही उपचार किसी बच्चे की पूरी जिंदगी बदल सकता हैं।












