अर्पित तिवारी,बलरामपुर,छत्तीसगढ़,30जून 2026
धान खरीदी की लंबित राशि का भुगतान नहीं होने और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) ऋण से जुड़े मामलों का, समाधान लंबित रहने से बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के किसानों में एक बार फिर नाराजगी बढ़ गई हैं। पीड़ित किसानों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और कृषि मंत्री रामविचार नेताम के नाम ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की हैं। किसानों ने साफ शब्दों में कहा हैं,कि यदि इस बार भी केवल आश्वासन मिला और समाधान नहीं हुआ तो वे फिर से अनिश्चितकालीन धरना और भूख हड़ताल शुरू करेंगे।ज्ञापन के अनुसार किसानों की दो प्रमुख मांगें हैं— वर्ष 2025-26 की धान बिक्री की लंबित राशि का तत्काल भुगतान और KCC ऋण संबंधी मामलों का स्थायी समाधान।
किसानों ने बताया,कि 9 जून 2026 को भी मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया था। इसके बाद 17 जून 2026 से जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के सामने अनिश्चितकालीन धरना और दो दिन तक भूख हड़ताल की गई थी। प्रशासन ने मांगें पूरी करने का भरोसा दिलाया, जिसके बाद आंदोलन स्थगित कर दिया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।किसानों का कहना हैं,कि भुगतान नहीं मिलने से कई परिवार आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। इलाज के लिए पैसे नहीं हैं, खेती के लिए पूंजी नहीं बची हैं,और साहूकारों से लिया गया कर्ज लगातार बढ़ता जा रहा हैं।
आर्थिक तंगी के कारण कई किसान मानसिक तनाव में जीवन गुजारने को मजबूर हैं।ज्ञापन में दावा किया गया हैं,कि कई किसानों की 50 हजार रुपये से लेकर 2.50 लाख रुपये तक की धान बिक्री की राशि जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में लंबित हैं। किसानों ने यह भी कहा कि वे भुगतान प्राप्त करने के लिए आवश्यक शपथ-पत्र देने को तैयार हैं,और भविष्य में किसी प्रकार की त्रुटि सिद्ध होने पर राशि वापस करने के लिए भी सहमत हैं।किसानों ने शासन-प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा हैं,कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो वे दोबारा अनिश्चितकालीन धरना और भूख हड़ताल शुरू करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।












