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किसानों के लिए बड़ा फैसला GI टैग, ODOP और एग्रीस्टैक पर कलेक्टर का एक्शन, स्थानीय उत्पादों को मिलेगी राष्ट्रीय पहचान

अर्पित तिवारी,बलरामपुर,छत्तीसगढ़,9जुलाई 2026

किसानों की आय बढ़ाने और स्थानीय कृषि उत्पादों को, राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में बलरामपुर जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया हैं। कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने एग्री एलाइड विभागों की समीक्षा बैठक में GI टैग (Geographical Indication), वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP), एग्रीस्टैक पंजीयन और दलहन-तिलहन उत्पादन को लेकर अधिकारियों को सख्त और महत्वपूर्ण निर्देश दिए।कलेक्टर ने कहा, कि जिले के विशिष्ट कृषि एवं स्थानीय उत्पादों की पहचान कर उन्हें GI टैग दिलाने के लिए जल्द कार्ययोजना तैयार की जाए। इससे स्थानीय उत्पादों को देश-विदेश के बाजारों में नई पहचान मिलेगी, किसानों को बेहतर दाम मिलेंगे और जिले की आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।🟠दलहन-तिलहन की खेती बढ़ाने पर विशेष जोर

अल नीनो की संभावित परिस्थितियों को देखते हुए, कलेक्टर ने किसानों को कम अवधि वाली फसलों के साथ दलहन एवं तिलहन की खेती अपनाने के लिए जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने चलगली, रघुनाथनगर, चांदो और राजपुर क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर किसानों को इन फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करने को कहा।साथ ही पीएम-आशा योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश देते हुए कहा कि किसान अरहर, उड़द, मूंग, सोयाबीन, मूंगफली, चना, मसूर और सरसों जैसी फसलों का उत्पादन कर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

🟠हर किसान का होगा एग्रीस्टैक पंजीयन

बैठक में एग्रीस्टैक पंजीयन की समीक्षा करते हुए, कलेक्टर ने जिले के सभी पात्र किसानों का 100 प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा,कि पिछले वर्ष धान बेच चुके किसानों का पंजीयन प्राथमिकता से पूरा किया जाए, ताकि उन्हें शासन की सभी कृषि योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।🟠प्राकृतिक खेती, बागवानी और पशुपालन को मिलेगा बढ़ावा

कलेक्टर ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, सहकारी समितियों में समय पर खाद-बीज उपलब्ध कराने, ड्रिप सिंचाई, एकीकृत बागवानी मिशन और उद्यानिकी योजनाओं से अधिक से अधिक किसानों को जोड़ने के निर्देश दिए। वहीं पीवीटीजी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर फलदार पौधों के रोपण की कार्ययोजना तैयार करने पर भी जोर दिया गया।

पशुधन विकास विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने क्लस्टर आधारित पशुपालन, कृत्रिम गर्भाधान की प्रगति में सुधार और पशुपालकों को विभिन्न योजनाओं से अधिक से अधिक लाभान्वित करने के निर्देश दिए।बैठक के अंत में कलेक्टर ने स्पष्ट कहा,कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि कृषि, उद्यानिकी और पशुपालन से जुड़ी प्रत्येक सरकारी योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और जिले के किसानों की आय बढ़ाने के लक्ष्य को तेजी से पूरा किया जा सके।

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