अर्पित तिवारी,बलरामपुर,छत्तीसगढ़,15जुलाई 2026
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के रामानुजगंज स्थित, भारत माता चौक के पास संचालित रानी श्रृंगार स्टोर के संचालक तौकिर रजा को दुकान में कार्यरत एक, युवती से कथित छेड़छाड़ और बैड टच के आरोप में पुलिस ने हिरासत में लिया हैं। पीड़िता की शिकायत पर रामानुजगंज थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74 तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी हैं।
🟠दुकान में काम के दौरान हुई कथित घटना
पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में बताया,कि वह पिछले करीब डेढ़ महीने से रानी श्रृंगार स्टोर में कार्यरत थी। घटना वाले दिन भी वह रोज की तरह दुकान में, काम कर रही थी। आरोप हैं,कि इसी दौरान स्टोर संचालक तौकिर रजा उसके पास आया, उसका हाथ पकड़कर मरोड़ने लगा और उसके साथ कथित रूप से, अशोभनीय हरकत करते हुए,बैड टच किया।युवती ने बताया कि घटना के बाद वह घबरा गई और रोने लगी। उसने किसी तरह खुद को छुड़ाया,आरोपी को धक्का दिया और दुकान से बाहर निकलकर सीधे अपने परिजनों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिजनों के साथ रामानुजगंज थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई।
🟠पुलिस ने तत्काल दर्ज किया मामला
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए BNS की धारा 74 और SC/ST एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया। पुलिस ने आरोपी तौकिर रजा को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी हैं। अधिकारियों का कहना हैं,कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
🟠पुराने आरोपों को लेकर भी उठे सवाल
घटना के बाद हिंदू संगठनों ने भी नाराजगी जताई है। संगठन से जुड़े दीपक गिरी ने दावा किया कि इससे पहले भी दो अन्य युवतियों के साथ आरोपी द्वारा, कथित रूप से इसी तरह की हरकत किए जाने की बातें सामने आई थीं, जिसके बाद उन्होंने दुकान में काम छोड़ दिया था। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई की मांग की हैं।हालांकि, इन पुराने आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई हैं,और पुलिस ने इस संबंध में आधिकारिक रूप से कोई पुष्टि नहीं की हैं।
🟠कार्यस्थल की सुरक्षा पर उठे सवाल
यह मामला एक बार फिर कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि कार्यस्थल पर महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला होगा।फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं। आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्णय पुलिस विवेचना और न्यायालय की प्रक्रिया के बाद ही होगा।












