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बलरामपुर में एग्रीस्टैक अभियान को मिली रफ्तार, 87 हजार से अधिक किसानों का हुआ डिजिटल पंजीयन,घर-घर पहुंच रही प्रशासन की टीम

अर्पित तिवारी,बलरामपुर,छत्तीसगढ़,18जुलाई 2026

किसानों को डिजिटल कृषि सेवाओं से जोड़ने और सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से,उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बलरामपुर जिले में एग्रीस्टैक पंजीयन अभियान तेज गति से चलाया जा रहा हैं। कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन में, जिला प्रशासन, कृषि, राजस्व और पंचायत विभाग की संयुक्त टीम गांव-गांव पहुंचकर किसानों का पंजीयन कर रही हैं। विशेष शिविरों और डोर-टू-डोर अभियान के माध्यम से अब तक जिले के 87,332 किसानों को एग्रीस्टैक प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा चुका हैं।🟠घर-घर पहुंच रही टीमें, एक दिन में 1,177 किसानों का हुआ पंजीयन

प्रशासन द्वारा ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों में लगातार विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। मानिकपुर में अधिकारियों ने घर-घर जाकर किसानों से संपर्क किया, जबकि रामानुजगंज नगर पालिका, दोहना, जवाहरनगर, बचवार, कोठली और पंडरी सहित कई गांवों में शिविर लगाकर किसानों का पंजीयन किया गया। अभियान के दौरान एक ही दिन में 1,177 किसानों का एग्रीस्टैक पंजीयन कर महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की गई।

🟠डिजिटल किसान पहचान से मिलेगा योजनाओं का सीधा लाभ

एग्रीस्टैक के तहत पंजीयन कराने वाले किसानों को, डिजिटल किसान आईडी (Farmer Digital ID) प्रदान की जाएगी। इसके माध्यम से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, कृषि अनुदान, ऋण, सब्सिडी और अन्य डिजिटल कृषि सेवाओं का लाभ अधिक पारदर्शी, सरल और समयबद्ध तरीके से मिल सकेगा। साथ ही किसानों के भूमि अभिलेखों और कृषि संबंधी जानकारी का डिजिटल सत्यापन भी आसान होगा।

🟠दूरस्थ गांवों तक पहुंच रहा अभियान

जिला प्रशासन ने अभियान को केवल मुख्यालय तक सीमित न रखते हुए,दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाया हैं। मैदानी अमला किसानों को एग्रीस्टैक के लाभों की जानकारी देने के साथ उन्हें मौके पर ही पंजीयन की सुविधा उपलब्ध करा रहा हैं। प्रशासन का उद्देश्य हैं,कि जिले का कोई भी पात्र किसान इस महत्वपूर्ण डिजिटल पहल से वंचित न रहे।

🟠प्रशासन की अपील जल्द कराएं पंजीयन

जिला प्रशासन ने सभी पात्र किसानों से अपील की हैं, कि वे आधार कार्ड, आधार से लिंक मोबाइल नंबर और भूमि संबंधी आवश्यक दस्तावेज लेकर अपने नजदीकी सीएससी केंद्र, तहसील कार्यालय या विशेष पंजीयन शिविर में पहुंचकर एग्रीस्टैक पंजीयन अवश्य कराएं। इससे भविष्य में कृषि योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक होगी।

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