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शिक्षा से रोशन होगा सरगुजा का भविष्य : शाला प्रवेश उत्सव में बच्चों का भव्य स्वागत,मंत्री राजेश अग्रवाल बोले “कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा”

न्यूज डेस्क,अंबिकापुर,छत्तीसगढ़,22जुलाई 2026

सरगुजा जिले में शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत उत्साह,उमंग और शिक्षा के प्रति नई ऊर्जा के साथ, जिला स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव के रूप में हुई। पी.जी. कॉलेज ऑडिटोरियम में आयोजित इस गरिमामय कार्यक्रम में पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल ने विद्यालय की घंटी बजाकर नवप्रवेशी बच्चों का आत्मीय स्वागत किया। बच्चों को तिलक लगाकर, पुष्पमाला पहनाकर और मिठाई खिलाकर विद्यालय में प्रवेश दिलाया गया। कार्यक्रम ने शिक्षा को जनआंदोलन बनाने की दिशा में शासन की प्रतिबद्धता को एक बार फिर मजबूत संदेश दिया।🟠”शिक्षा ही सफलता का मूल मंत्र”

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए,मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा,कि शिक्षा जीवन की सबसे बड़ी पूंजी हैं,और यही सफलता, आत्मनिर्भरता तथा समृद्धि का आधार हैं। उन्होंने कहा,कि सरकार का लक्ष्य केवल बच्चों का विद्यालय में प्रवेश कराना नहीं, बल्कि प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना और उसे नियमित रूप से विद्यालय से जोड़कर रखना हैं।उन्होंने स्पष्ट कहा,कि “कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा।” विशेष रूप से जनजातीय क्षेत्रों और पहाड़ी कोरवा जैसी विशेष पिछड़ी जनजातियों के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से मन लगाकर पढ़ाई करने और अभिभावकों से बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने की अपील की।

🟠बेटियों की शिक्षा को मिला नया संबल

शाला प्रवेश उत्सव के दौरान कक्षा पहली, छठवीं और नवमी में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकें, गणवेश, कॉपियां, स्कूल बैग और अन्य अध्ययन सामग्री वितरित की गई।इसके साथ ही शासन की साइकिल वितरण योजना के अंतर्गत 21 छात्राओं को साइकिल प्रदान की गई। मंत्री अग्रवाल ने कहा,कि यह योजना बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।🟠शिक्षा के क्षेत्र में सरगुजा के नवाचार

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले में शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों की जानकारी देते हुए बताया,कि

🔸️भवनविहीन विद्यालयों के लिए नए भवन स्वीकृत किए गए हैं।

🔸️विद्यार्थियों के जाति प्रमाणपत्र बनवाए गए हैं।

🔸️विशेष पिछड़ी जनजाति के बच्चों का उच्च कक्षाओं में प्रवेश सुनिश्चित किया गया हैं।

🔸️मेडिकल एवं इंजीनियरिंग की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को,रायपुर के प्रतिष्ठित निजी कोचिंग संस्थानों में प्रवेश दिलाया गया हैं।

🔸️विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति की जा रही हैं।

🔸️उन्होंने कहा,कि प्राथमिक स्तर के शिक्षक बच्चों के भविष्य की मजबूत नींव तैयार करते हैं, इसलिए उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

🟠उत्कृष्ट शिक्षकों और वॉलेंटियरों का सम्मान

कार्यक्रम में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले,21 शिक्षकों को ‘शिक्षा दूत पुरस्कार 2025-26’ तथा 3 शिक्षकों को ‘ज्ञान दीप पुरस्कार 2025-26’ से सम्मानित किया गया। साथ ही सेवानिवृत्त शिक्षकों एवं कर्मचारियों का सम्मान भी किया गया।उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत निरक्षरों को साक्षर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले, वॉलेंटियरों को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने साक्षरता की शपथ लेकर समाज को शिक्षित बनाने का संकल्प लिया।🟠जनप्रतिनिधियों और समाज की सहभागिता

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव, भरत सिंह सिसोदिया, नगर निगम महापौर मंजूषा भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष निरूपा सिंह, जिला पंचायत उपाध्यक्ष देवनारायण यादव, नगर निगम सभापति हरमिंदर सिंह टिन्नी, जनप्रतिनिधि, अधिकारी, शिक्षक, अभिभावक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।शाला प्रवेश उत्सव ने यह संदेश दिया,कि शासन, प्रशासन, शिक्षक, अभिभावक और समाज के सामूहिक प्रयास से ही हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाई जा सकती है और एक शिक्षित, सशक्त एवं विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण संभव हैं।

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