संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,22जुलाई2026
छत्तीसगढ़ में खेती को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में,एक और बड़ा कदम उठाया गया हैं। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में अब किसानों को, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के माध्यम से ड्रोन स्प्रेयर की सुविधा उपलब्ध होगी। इस अभिनव पहल का शुभारंभ राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने नवीन कृषि उपज मंडी परिसर में पूजा-अर्चना कर किया। इस अवसर पर ड्रोन के माध्यम से उर्वरक एवं कीटनाशकों के छिड़काव का लाइव प्रदर्शन भी किया गया, जिसने किसानों के बीच आधुनिक खेती को लेकर उत्साह बढ़ा दिया।
🟠खेती होगी हाईटेक, समय और लागत दोनों की होगी बचत
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए,राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा,कि यह पहल केवल एक तकनीकी बदलाव नहीं, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने कहा,कि ड्रोन तकनीक से कम समय में बड़े क्षेत्र में सटीक छिड़काव किया जा सकेगा,जिससे कीटनाशकों और उर्वरकों का संतुलित उपयोग होगा,फसलों की गुणवत्ता बेहतर होगी और किसानों के श्रम व लागत दोनों में उल्लेखनीय कमी आएगी।उन्होंने बताया,कि खेतों में बार-बार प्रवेश की आवश्यकता कम होने से फसलों को नुकसान भी नहीं पहुंचेगा और खेती अधिक सुरक्षित एवं वैज्ञानिक बनेगी।
🟠5 सहकारी समितियों में शुरू हुई ड्रोन सेवा
पहले चरण में जिले की बलौदाबाजार,कसडोल,बया, गिर्रा (पलारी) और दामाखेड़ा (सिमगा) स्थित प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों में कुल 11 ड्रोन स्प्रेयर उपलब्ध कराए गए हैं। सहकारिता विभाग ने वर्ष 2026-27 के दौरान लगभग 50 हजार एकड़ कृषि भूमि में,ड्रोन के माध्यम से उर्वरक एवं कीटनाशकों का छिड़काव करने का लक्ष्य निर्धारित किया हैं।अब किसानों को निजी एजेंसियों पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं होगी। वे अपनी संबंधित समिति में, आवेदन कर निर्धारित तिथि पर ड्रोन सेवा प्राप्त कर सकेंगे।
🟠ऐसे मिलेगी किसानों को ड्रोन सेवा
किसानों को अपनी संबंधित सहकारी समिति में जाकर,खेत का रकबा एवं छिड़काव की तिथि दर्ज करानी होगी। निर्धारित दिन प्रशिक्षित ड्रोन पायलट मशीन के साथ खेत पहुंचेगा। किसान को केवल उपयोग में आने वाला उर्वरक या कीटनाशक उपलब्ध कराना होगा, जबकि ड्रोन संचालन समिति के माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए प्रति एकड़ निर्धारित शुल्क लिया जाएगा।
🟠 ‘ड्रोन दीदी’ योजना से महिलाओं और युवाओं को मिलेगा रोजगार
राजस्व मंत्री ने कहा,कि ‘ड्रोन दीदी’ जैसी योजनाएं ग्रामीण महिलाओं और युवाओं के लिए स्वरोजगार का नया माध्यम बन रही हैं। ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण प्राप्त कर युवा आधुनिक कृषि सेवाओं से जुड़ेंगे, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और गांवों में तकनीकी दक्षता भी बढ़ेगी।
🟠प्राकृतिक और जैविक खेती अपनाने का किया आह्वान
टंक राम वर्मा ने किसानों से रासायनिक खेती पर, निर्भरता कम कर प्राकृतिक एवं जैविक खेती अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा,कि हमारी पारंपरिक कृषि पद्धतियां आज भी टिकाऊ खेती का सबसे मजबूत आधार हैं। जैविक खेती से भूमि की उर्वरता बनी रहती हैं,पर्यावरण सुरक्षित रहता हैं,और उपज की गुणवत्ता में भी सुधार होता हैं।
🟠अब ‘मिनी बैंक’ बन चुकी हैं सहकारी समितियां
कार्यक्रम में बताया गया,कि जिले की सभी प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियां अब पूरी तरह कंप्यूटरीकृत हो चुकी हैं। ये समितियां अब कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) और मिनी बैंक के रूप में भी कार्य कर रही हैं,जहां माइक्रो एटीएम की सुविधा उपलब्ध हैं। इससे किसानों को छोटी-छोटी राशि निकालने के लिए दूर स्थित बैंकों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और अधिकांश बैंकिंग सेवाएं गांव में ही मिल सकेंगी।
🟠उत्कृष्ट कर्मचारियों और किसानों का हुआ सम्मान
समारोह में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान धान खरीदी में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 17 समिति प्रबंधकों तथा ई-पैक्स (e-PACS) में सराहनीय कार्य करने वाले 10 कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा 9 किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के चेक तथा 2 किसानों को लर्निंग लाइसेंस भी वितरित किए गए।इस अवसर पर नगरपालिका अध्यक्ष, पूर्व विधायक प्रमोद शर्मा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष, जिला सहकारी बैंक के पदाधिकारी, सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।












