अर्पित तिवारी,बलरामपुर,छत्तीसगढ़,23जुलाई 2026
खरीफ सीजन के दौरान किसानों को उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और फसलों को संतुलित पोषण प्रदान करने के उद्देश्य से,कृषि विभाग ने महत्वपूर्ण सलाह जारी की हैं। विभाग ने स्पष्ट किया हैं, कि यदि किसी क्षेत्र में डीएपी (DAP) उर्वरक की उपलब्धता प्रभावित होती हैं,तो किसानों को चिंतित होने की आवश्यकता नहीं हैं। डीएपी के स्थान पर कई वैज्ञानिक और प्रभावी वैकल्पिक उर्वरकों का उपयोग कर बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता हैं।
🟠DAP के ये विकल्प हैं पूरी तरह प्रभावी
कृषि विभाग के अनुसार किसान एनपीके 20:20:0:13, एनपीके 12:32:16, एनपीके 10:26:26, सिंगल सुपर फॉस्फेट (SSP) तथा ट्रिपल सुपर फॉस्फेट (TSP) जैसे उर्वरकों का उपयोग कर सकते हैं। इन उर्वरकों में नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटाश और सल्फर जैसे आवश्यक पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होते हैं,जो फसलों की स्वस्थ वृद्धि और अधिक उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
🟠यूरिया के साथ करें संतुलित पोषण
कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी हैं,कि यदि वे एसएसपी (SSP) या टीएसपी (TSP) का उपयोग करते हैं,तो फसल की अनुशंसित नाइट्रोजन आवश्यकता को यूरिया के माध्यम से पूरा करें। इससे फसलों को संतुलित पोषण मिलेगा और उत्पादन पर किसी प्रकार का नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।
🟠मृदा परीक्षण के आधार पर करें उर्वरकों का चयन
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की हैं,कि वे किसी एक उर्वरक पर निर्भर रहने के बजाय मृदा परीक्षण, उर्वरकों की उपलब्धता और कृषि विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार संतुलित उर्वरक प्रबंधन अपनाएं।विभाग का कहना है कि वैज्ञानिक तरीके से उर्वरकों का उपयोग करने से न केवल फसल उत्पादन में वृद्धि होगी, बल्कि मिट्टी की उर्वरता भी लंबे समय तक सुरक्षित बनी रहेगी।












