अर्पित तिवारी,बलरामपुर,छत्तीसगढ़,23जुलाई 2026
ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में,बलरामपुर जिला प्रशासन लगातार प्रयासरत हैं। इसी क्रम में जिला पंचायत सीईओ डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के अंतर्गत गठित स्वयं सहायता समूहों की गतिविधियों का लगातार गांव-गांव जाकर निरीक्षण कर रहे हैं। उनका उद्देश्य समूहों द्वारा संचालित व्यवसायों को अधिक लाभकारी बनाना, बाजार से जोड़ना और महिलाओं की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करना हैं।इसी कड़ी में जिला पंचायत सीईओ ने जनपद पंचायत वाड्रफनगर के विभिन्न ग्रामों का भ्रमण कर स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित आजीविका गतिविधियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने समूह की महिलाओं से संवाद कर व्यवसाय विस्तार, विपणन और आय बढ़ाने के लिए कई उपयोगी सुझाव दिए।
🟠संस्कार महिला समूह की तेल मिल का किया निरीक्षण
ग्राम अलका में संचालित संस्कार महिला स्वयं सहायता समूह की तेल मिल का निरीक्षण करते हुए,डॉ. चतुर्वेदी ने उत्पादन प्रक्रिया, कच्चे माल की उपलब्धता, तेल उत्पादन क्षमता तथा आय-व्यय की विस्तृत जानकारी ली।उन्होंने समूह को सलाह दी,कि उत्पादित तेल को केवल स्थानीय बाजार तक सीमित न रखकर फॉरवर्ड लिंकेज विकसित करें, बड़े बाजारों से जुड़ें और मजबूत सप्लाई चेन तैयार करें, ताकि उत्पाद को बेहतर कीमत मिले और समूह की आय में वृद्धि हो।
🟠किराना व्यवसाय को और मजबूत बनाने की सलाह
इसके बाद उन्होंने ग्राम मानपुर में एकता महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्य ललिता द्वारा समूह से,प्राप्त ऋण के माध्यम से संचालित किराना दुकान का निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान उन्होंने दुकान की दैनिक बिक्री, स्टॉक प्रबंधन और वार्षिक आय की जानकारी ली। साथ ही व्यवसाय को और बेहतर बनाने के लिए दुकान के जीर्णोद्धार, उत्पादों में विविधता लाने, ग्राहकों को आकर्षित करने और सुव्यवस्थित संचालन पर विशेष जोर दिया।
🟠महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का मिशन
जिला पंचायत सीईओ डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने कहा, कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन का मूल उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाना हैं। इसके लिए स्वयं सहायता समूहों को आधुनिक व्यवसायिक मॉडल, बेहतर विपणन व्यवस्था और व्यापक बाजार से जोड़ने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा हैं।उन्होंने कहा,कि यदि समूहों के उत्पादों को स्थानीय बाजार के साथ-साथ बड़े बाजारों तक पहुंचाया जाए, तो महिलाओं की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।उन्होंने समूहों की महिलाओं से नवाचार अपनाने, गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने और बाजार की मांग के अनुरूप उत्पाद तैयार करने की अपील भी की।












