न्यूज डेस्क,जशपुर,छत्तीसगढ़,25जुलाई 2026
महिलाओं के विरुद्ध अपराधों पर सख्त कार्रवाई की दिशा में,जशपुर पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली हैं। थाना कुनकुरी में दर्ज दुष्कर्म के मामले में, विशेष न्यायाधीश (अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम),जशपुर ने, आरोपी मनोज कुमार पाण्डेय (43) को शादी का झूठा झांसा देकर दुष्कर्म करने का दोषी मानते हुए 7 वर्ष के सश्रम कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई हैं।
🟠शादी का झूठा वादा कर वर्षों तक किया शोषण
पुलिस के अनुसार पीड़िता की मुलाकात वर्ष 2024 में आरोपी से एक निजी कंपनी में काम करने के दौरान हुई थी। आरोपी ने स्वयं को अविवाहित बताकर प्रेम संबंध बनाए और विवाह का भरोसा देकर पीड़िता के साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए। दोनों पति-पत्नी की तरह साथ रहे और इस दौरान एक बच्चे का भी जन्म हुआ।बाद में पीड़िता को पता चला,कि आरोपी पहले से शादीशुदा है और उसके बच्चे भी हैं। इसके बावजूद वह लगातार विवाह का झूठा आश्वासन देता रहा। जब पीड़िता ने शादी की बात की तो आरोपी ने साफ इनकार कर दिया, जिसके बाद मामला थाना कुनकुरी पहुंचा।
🟠पुलिस ने जुटाए मजबूत साक्ष्य
शिकायत के बाद थाना कुनकुरी में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 तथा एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। मामले की जांच उप पुलिस अधीक्षक भावेश समरथ ने की। पुलिस ने गवाहों के बयान, दस्तावेजी एवं वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाकर समयबद्ध तरीके से न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया।
🟠न्यायालय ने सुनाई कठोर सजा
विशेष न्यायाधीश सत्येन्द्र कुमार साहू ने अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और प्रभावी पैरवी के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराया।
🟠न्यायालय ने आरोपी को:
🔸️BNS की धारा 69 के तहत 7 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹1,000 अर्थदंड।
🔸️एससी/एसटी एक्ट के तहत 3 माह के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
🟠महिलाओं के खिलाफ अपराध पर जीरो टॉलरेंस
जशपुर पुलिस ने कहा,कि महिलाओं और कमजोर वर्गों के विरुद्ध अपराधों में जीरो टॉलरेंस नीति के तहत त्वरित विवेचना, वैज्ञानिक जांच और प्रभावी अभियोजन के माध्यम से दोषियों को कठोर सजा दिलाई जा रही हैं। पुलिस ने आमजन से ऐसे मामलों की सूचना तत्काल देने की अपील भी की।












