अर्पित तिवारी,बलरामपुर,छत्तीसगढ़,28जुलाई 2026
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले का जल संरक्षण मॉडल अब राष्ट्रीय पहचान बन चुका हैं। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जिले में जल संरक्षण की दिशा में किए जा रहे,कार्यों की सराहना करते हुए इसे जनभागीदारी, नवाचार और प्रभावी क्रियान्वयन का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
🟠’कैच द रेन 2025′ अभियान से मिली नई पहचान
जिले में जल शक्ति अभियान कैच द रेन 2025 के तहत अब तक 55 हजार से अधिक जल संरक्षण संरचनाओं का जियो-टैग किया जा चुका हैं। इनमें गली प्लग, ब्रशवुड प्लग, लूज बोल्डर चेक, बोल्डर चेकडैम, चेकडैम, खेत डबरी, आजीविका डबरी, तालाबों का गहरीकरण एवं जीर्णोद्धार, सोक पिट, रिचार्ज पिट और सामुदायिक कुएं जैसी अनेक संरचनाएं शामिल हैं।इन प्रयासों का उद्देश्य वर्षा जल का अधिकतम संरक्षण, भूजल स्तर में वृद्धि और भविष्य के लिए जल स्रोतों को सुरक्षित बनाना हैं।
🟠जनभागीदारी से बना देश के लिए उदाहरण
इस अभियान की सबसे बड़ी ताकत ग्राम पंचायतों, जनप्रतिनिधियों, स्व-सहायता समूहों और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी रही। प्रशासन और आम जनता के संयुक्त प्रयासों ने जल संरक्षण को सरकारी योजना से आगे बढ़ाकर जनआंदोलन का रूप दे दिया।यही कारण हैं,कि आज बलरामपुर का मॉडल राष्ट्रीय स्तर पर सराहा जा रहा हैं।
🟠राष्ट्रीय मंच पर मिली बड़ी उपलब्धि
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री द्वारा जिले के कार्यों को राष्ट्रीय मंच पर साझा किया जाना बलरामपुर के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा हैं। यह इस बात का प्रमाण हैं, कि सामुदायिक सहभागिता, नवाचार और बेहतर क्रियान्वयन के जरिए जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय बदलाव संभव हैं।
🟠”हर बूंद बचाना, भविष्य बचाना हैं” कलेक्टर
कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने कहा कि “हर बूंद को संजोने का बलरामपुर का संकल्प अब राष्ट्रीय पहचान बन चुका हैं। आज बचाई गई पानी की हर बूंद आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की नींव हैं।”उन्होंने जिलेवासियों से जल संरक्षण को केवल अभियान नहीं, बल्कि दैनिक जीवन की आदत बनाने की अपील करते हुए कहा,कि सामूहिक प्रयासों से ही जल सुरक्षा का लक्ष्य हासिल किया जा सकता हैं।












