अर्पित तिवारी,बलरामपुर,छत्तीसगढ़,12अगस्त2026
भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के निर्देशानुसार जिले में आदि कर्मचारी अभियान के तहत,13 से 15 अगस्त 2026 तक सभी आदिवासी सेवा केंद्रों में विशेष जनसुनवाई शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों के माध्यम से जनजातीय क्षेत्रों के ग्रामीणों की समस्याओं और शिकायतों का स्थानीय स्तर पर निराकरण करने के साथ उन्हें विभिन्न शासकीय योजनाओं और सेवाओं की जानकारी दी जाएगी।जिले के 6 विकासखंडों के 421 जनजातीय बहुल ग्रामों में संचालित इस अभियान का उद्देश्य शासन की योजनाओं और सेवाओं की पहुंच को समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित करना हैं। शिविरों में ग्रामीणों की शिकायतों को दर्ज कर संबंधित विभागों के माध्यम से उनके निराकरण की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
🟠आदिवासी सेवा केंद्र बनेंगे ग्रामीणों के लिए सहायता का प्रमुख माध्यम
आदिवासी सेवा केंद्रों को जनजातीय क्षेत्रों के नागरिकों के लिए शासकीय सेवाओं तक आसान पहुंच उपलब्ध कराने के महत्वपूर्ण मंच के रूप में विकसित किया गया हैं। यहां ग्रामीणों को योजनाओं की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी जाएगी।इसके साथ ही आदि कर्मचारी वॉलिंटियर्स स्थानीय स्तर पर जागरूकता निर्माण, नागरिक सुविधाओं के विस्तार, शिकायतों के निराकरण, डिजिटल दस्तावेजीकरण और सामुदायिक सहभागिता में सहयोग करेंगे।
🟠कई विभागों के अधिकारी रहेंगे मौजूद
जनसुनवाई शिविरों में आदिम जाति विकास विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास,स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, कृषि, वन एवं जलवायु परिवर्तन, राजस्व, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के जिला एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहेंगे।अधिकारी ग्रामीणों को अपने-अपने विभाग की योजनाओं की जानकारी देने के साथ पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी कराएंगे। ग्रामीणों की समस्याओं और शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण सुनिश्चित करने पर विशेष जोर रहेगा।
🟠योजनाओं का लाभ दिलाने पर रहेगा फोकस
अभियान के दौरान ग्रामीणों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देकर पात्र, हितग्राहियों को लाभ दिलाने की प्रक्रिया को आसान बनाया जाएगा। इससे जनजातीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को शासकीय योजनाओं के लिए अनावश्यक परेशानी से राहत मिलने के साथ सेवाओं की पहुंच भी बेहतर होगी।जिला प्रशासन और संबंधित विभागों का प्रयास है कि जनसुनवाई के माध्यम से ग्रामीणों की समस्याओं को सुनने के साथ उनका मौके पर समाधान और समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जा सके।












