संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,5अगस्त2026
छत्तीसगढ़ सरकार ने निराश्रित और घुमंतू मवेशियों के, संरक्षण के लिए राज्यभर में 1,460 गौधाम स्थापित करने की महत्वाकांक्षी योजना शुरू की हैं। गौधाम योजना के तहत चरणबद्ध तरीके से इन गौधामों की स्थापना की जाएगी, जिससे बेसहारा पशुओं को सुरक्षित आश्रय मिलने के साथ-साथ ग्रामीण और कृषि अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
🟠हर विकासखंड में बनेंगे 10 गौधाम
छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग के अनुसार, प्रत्येक विकासखंड में 10 उत्कृष्ट गौठानों का चयन कर उन्हें गौधाम के रूप में विकसित किया जाएगा।
🟠अब तक की प्रगति:
🔸️ 408 आवेदन प्राप्त
🔸️151 आवेदनों को प्रशासकीय स्वीकृति
🔸️88 गौधामों का पंजीयन पूरा
🔸️42 गौधामों में 5,109 निराश्रित पशुओं को संरक्षण
🟠राष्ट्रीय राजमार्गों के पास बने गौठानों को प्राथमिकता
योजना के पहले चरण में ऐसे गौठानों का चयन किया गया हैं,जो राष्ट्रीय राजमार्गों के समीप स्थित हैं,और जहां आवश्यक आधारभूत सुविधाएं पहले से उपलब्ध हैं।
🟠गौधामों का संचालन—
🔸️स्वयंसेवी संस्थाएं (NGO)
🔸️पंजीकृत गौशालाएं
🔸️एफपीओ (FPO) ट्रस्ट ग्राम पंचायतें हाल ही में, नियमों में संशोधन कर ग्राम पंचायतों को गौधाम संचालन में प्राथमिकता दी गई हैं। साथ ही शहरी गौठानों को भी योजना में शामिल किया गया हैं।
🟠पारदर्शी होगी चयन प्रक्रिया
गौधाम स्थापना के लिए जिला स्तरीय समिति और कलेक्टर की अनुशंसा के बाद ग्राम पंचायत से अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) लिया जाएगा। भौतिक सत्यापन के बाद प्रस्ताव छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग को भेजा जाएगा, जहां विस्तृत समीक्षा के बाद अंतिम प्रशासकीय स्वीकृति दी जाएगी।
🟠ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा लाभ
सरकार का मानना हैं,कि गोधन ग्रामीण संस्कृति और कृषि व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार हैं। गौधाम योजना से निराश्रित पशुओं के संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण रोजगार, जैविक खेती और पशुपालन को भी बढ़ावा मिलेगा। विभिन्न जिलों से नए गौधामों की स्थापना के लिए लगातार आवेदन प्राप्त हो रहे हैं, जिन पर कार्रवाई जारी हैं।












