संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,8अगस्त2026
बच्चों को कृमि संक्रमण से बचाने के लिए छत्तीसगढ़ में,10 अगस्त को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया जाएगा। इस दौरान प्रदेशभर में 1 से 19 वर्ष आयु वर्ग के करीब 1.10 करोड़ बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को,एल्बेंडाजोल की खुराक खिलाने का लक्ष्य रखा गया हैं।स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे इस विशेष अभियान के तहत शासकीय एवं निजी स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और अन्य संस्थानों में बच्चों को निर्धारित मात्रा में कृमिनाशक दवा खिलाई जाएगी। अभियान का उद्देश्य बच्चों को कृमि संक्रमण से बचाने के साथ उनके स्वास्थ्य,पोषण और शारीरिक एवं मानसिक विकास को बेहतर बनाना हैं।
🟠क्यों जरूरी हैं,कृमिनाशक दवा?
कृमि संक्रमण अस्वच्छ वातावरण,दूषित पानी और भोजन, खुले में शौच तथा बिना हाथ धोए खाना खाने जैसी परिस्थितियों से फैल सकता हैं। संक्रमण के कारण बच्चों में कमजोरी, भूख की कमी, कुपोषण, एनीमिया और पढ़ाई में एकाग्रता की कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
🟠उम्र के हिसाब से दी जाएगी दवा
अभियान के तहत 1 से 2 वर्ष के बच्चों को एल्बेंडाजोल की आधी गोली और 2 से 19 वर्ष के, बच्चों एवं किशोरों को पूरी गोली निर्धारित मानकों के अनुसार खिलाई जाएगी। दवा स्वास्थ्यकर्मियों, शिक्षकों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की निगरानी में दी जाएगी।
🟠10 अगस्त को दवा से छूटे तो 17 अगस्त को मिलेगा मौका
स्वास्थ्य विभाग ने बताया,कि यदि कोई बच्चा 10 अगस्त को किसी कारणवश एल्बेंडाजोल की खुराक नहीं ले पाता हैं,तो उसे 17 अगस्त के मॉप-अप दिवस पर दवा खिलाई जाएगी।स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को, निर्धारित तिथि पर कृमिनाशक दवा अवश्य खिलाएं और अभियान को सफल बनाने में सहयोग करें।












