न्यूज डेस्क,सारंगढ़,छत्तीसगढ़,7जुलाई 2026
साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में सारंगढ़ सिटी कोतवाली पुलिस को बड़ी सफलता मिली हैं। पुलिस ने साइबर ठगी के लिए म्यूल अकाउंट उपलब्ध कराने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया हैं। जांच में खुलासा हुआ,कि आरोपी के बैंक खाते में महज एक वर्ष के भीतर ₹2 करोड़ 71 लाख 75 हजार 719 का संदिग्ध लेन-देन हुआ। इतना ही नहीं, इसी खाते का संबंध देशभर में दर्ज 56 साइबर ठगी की शिकायतों से भी सामने आया हैं।यह कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक निमिषा पाण्डेय एवं एसडीओपी स्नेहिल साहू के मार्गदर्शन में की गई। पुलिस ने ग्राम ग्वालीनडीह निवासी दिनेश बंजारे को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया हैं।
🟠गृह मंत्रालय के पोर्टल से खुला बड़ा राज
पुलिस के अनुसार गृह मंत्रालय के साइबर क्राइम पोर्टल, समन्वय पोर्टल और प्राप्त शिकायतों के, विश्लेषण के दौरान आरोपी के बैंक खाते में असामान्य वित्तीय गतिविधियां सामने आईं। तकनीकी जांच में पता चला,कि आरोपी का बैंक खाता साइबर अपराधियों द्वारा ठगी की रकम ट्रांसफर करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।
🟠कमीशन के बदले देता था बैंक खाता
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया,कि वह कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक और मोबाइल सिम साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराता था। ठगी की रकम पहले उसके खाते में आती थी और फिर अलग-अलग खातों में भेज दी जाती थी, ताकि अपराधियों तक पहुंचना मुश्किल हो सके।
🟠56 राज्यों नहीं, 56 शिकायतों से जुड़ा खाता
पुलिस जांच में यह भी सामने आया,कि आरोपी के बैंक खाते से जुड़े देश के विभिन्न राज्यों में कुल 56 साइबर फ्रॉड की शिकायतें दर्ज हैं। इससे स्पष्ट होता हैं,कि यह खाता संगठित साइबर अपराधियों के नेटवर्क का अहम हिस्सा बन चुका था।
🟠बुलेट बाइक समेत कई सामान जब्त कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से—
🔸️बैंकिंग दस्तावेज
🔸️एटीएम कार्ड
🔸️मोबाइल फोन
🔸️सिम कार्ड रॉयल एनफील्ड बुलेट मोटरसाइकिल जब्त की हैं। आरोपी के खिलाफ थाना सारंगढ़ में, अपराध क्रमांक 323/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 317(4) एवं 317(5) के तहत मामला दर्ज किया गया हैं।
🟠क्या होता हैं,म्यूल अकाउंट?
म्यूल अकाउंट वह बैंक खाता होता हैं,जिसका उपयोग साइबर अपराधी ठगी से प्राप्त रकम को छिपाने और अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करने के लिए करते हैं। कई लोग कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक या सिम अपराधियों को दे देते हैं। बाद में यही लोग भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ जाते हैं।
🟠पुलिस की अपील
सारंगढ़ पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की हैं,कि अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक, मोबाइल सिम, ओटीपी या इंटरनेट बैंकिंग की जानकारी किसी भी व्यक्ति के साथ साझा न करें। थोड़े से लालच में लिया गया फैसला आपको भी साइबर अपराध का आरोपी बना सकता हैं।












