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छत्तीसगढ़ में सड़क सुरक्षा की नई शुरुआत : IIT मद्रास के साथ हुआ ऐतिहासिक एमओयू,अब डेटा के आधार पर रोकी जाएंगी सड़क दुर्घटनाएं

संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,24जुलाई2026

छत्तीसगढ़ में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और सुरक्षित यातायात व्यवस्था विकसित करने की दिशा में, राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की हैं। छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग और आईआईटी मद्रास के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर रोड सेफ्टी (CoERS) के बीच,सड़क सुरक्षा को लेकर ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इसके साथ ही रायपुर में डेटा-आधारित हाइपरलोकल इंटरवेंशन विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वन, परिवहन, आवास एवं पर्यावरण तथा सहकारिता मंत्री  केदार कश्यप रहे।🟠अब डेटा बताएगा कहां हैं,सबसे खतरनाक सड़कें

इस नई पहल के तहत सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों का,वैज्ञानिक विश्लेषण कर ब्लैक स्पॉट (दुर्घटना संभावित स्थानों) की पहचान की जाएगी। इसके बाद स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार कम लागत वाले इंजीनियरिंग सुधार और हाइपरलोकल सड़क सुरक्षा उपाय लागू किए जाएंगे।इसके लिए ‘संजय’ प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जाएगा, जिससे दुर्घटना संभावित स्थलों की समय पर पहचान कर साक्ष्य-आधारित निर्णय लिए जा सकेंगे।

🟠पहले चरण में 10 संवेदनशील जिले शामिल

योजना के प्रथम चरण में राज्य के सड़क दुर्घटनाओं की दृष्टि से सबसे संवेदनशील 10 जिलों का चयन किया गया हैं। इन जिलों में जिला प्रशासन, पुलिस, परिवहन विभाग और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को, विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।प्रशिक्षण के बाद प्रत्येक जिले के लिए स्थानीय जरूरतों के अनुरूप डेटा-आधारित सड़क सुरक्षा कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

🟠”हर सड़क दुर्घटना किसी परिवार की अपूरणीय क्षति”

परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने कहा,कि प्रत्येक सड़क दुर्घटना किसी परिवार के लिए अपूरणीय क्षति होती हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य केवल दुर्घटनाओं की संख्या कम करना नहीं,बल्कि ऐसी सुरक्षित सड़क व्यवस्था विकसित करना हैं,जिससे हर नागरिक सुरक्षित अपने घर पहुंच सके।उन्होंने कहा,कि आईआईटी मद्रास के सहयोग से शुरू की गई यह पहल ‘सुरक्षित छत्तीसगढ़’ के निर्माण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

🟠वैज्ञानिक तकनीक से होगी दुर्घटनाओं की रोकथाम

परिवहन विभाग के सचिव एस. प्रकाश ने बताया,कि ‘संजय’ प्लेटफॉर्म के माध्यम से दुर्घटना संभावित स्थानों की वैज्ञानिक पहचान कर समयबद्ध सुधारात्मक कार्रवाई संभव होगी। उन्होंने सभी विभागों से समन्वय बनाकर दुर्घटनामुक्त छत्तीसगढ़ के निर्माण में योगदान देने की अपील की।

🟠अधिकारियों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण

कार्यशाला में चयनित 10 जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक (SP), आरटीओ, डीटीओ, जिला सड़क सुरक्षा प्रबंधक, एनआईसीसी तथा जिला सड़क सुरक्षा समिति के नोडल अधिकारी शामिल हुए। विशेषज्ञों ने बताया,कि डेटा-आधारित योजना और त्वरित हस्तक्षेप से सड़क दुर्घटनाओं एवं मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती हैं।

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