संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़/3नवंबर2025/विशेष रिपोर्ट-Nexis News
नवा रायपुर राज्योत्सव 2025 में इस बार परंपरा, संस्कृति और आत्मनिर्भरता का सुंदर संगम देखने को मिल रहा हैं। नाबार्ड की सहायता से बने स्व-सहायता समूहों ने अपने हुनर और उद्यमशीलता से सबका दिल जीत लिया।
राजनांदगांव के जय सेवा हस्तशिल्प आर्ट गायत्री समूह की मिट्टी, बांस और वस्त्र कला के उत्पादों — झूमर, फूलदानी, कुर्ती, लैम्प, ज्वेलरी आदि ने आगंतुकों को छत्तीसगढ़ी परंपरा की झलक दी।इसी तरह, अन्य समूहों ने बांस कला, गोदना आर्ट, कोसा सिल्क, खादी व हेंड प्रिंटिंग से सजी कृतियों से प्रदर्शनी को जीवंत बना दिया।
नाबार्ड न केवल प्रशिक्षण दे रहा हैं, बल्कि विपणन, पैकेजिंग और वित्तीय प्रबंधन में भी मदद कर रहा हैं। इस पहल से ग्रामीण महिलाएँ आर्थिक रूप से सशक्त होकर आत्मनिर्भर बन रही हैं।महिलाओं ने बताया कि राज्योत्सव जैसे मंचों से उन्हें नई पहचान और आत्मविश्वास मिला हैं।












