संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,29जनवरी2026/विशेष रिपोर्ट-Nexis News
छत्तीसगढ़ सरकार ने बीते दो वर्षों में पर्यटन, संस्कृति और पुरातत्त्व के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल करते हुए राज्य को आर्थिक विकास, सांस्कृतिक संरक्षण और विरासत संवर्धन का नया मॉडल प्रदान किया हैं। यह बात पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव ने नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ संवाद ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही।इस अवसर पर छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक एवं संस्कृति एवं पुरातत्त्व विभाग के संचालक विवेक आचार्य भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने पिछले दो वर्षों की उपलब्धियों के साथ-साथ आगामी कार्ययोजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।
🟠पर्यटन को मिला उद्योग का दर्जा, निवेश और रोजगार को मिली रफ्तार
डॉ. रोहित यादव ने बताया,कि राज्य सरकार द्वारा पर्यटन को उद्योग का दर्जा देने से निजी निवेश को बढ़ावा मिला हैं। इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रमों के माध्यम से 500 करोड़ रुपये से अधिक के निजी निवेश सुनिश्चित किए गए हैं, जिससे होटल, रिसॉर्ट, साहसिक एवं ग्रामीण पर्यटन को नई दिशा मिली हैं।रामलला दर्शन योजना के तहत आईआरसीटीसी के सहयोग से वर्ष 2024-25 में 42,500 से अधिक श्रद्धालुओं को विशेष ट्रेनों से अयोध्या दर्शन कराया गया, जिससे धार्मिक पर्यटन को मजबूती मिली।
🟠होम-स्टे नीति से ग्रामीण पर्यटन को बल
राज्य सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ होम-स्टे नीति 2025-30 लागू की गई हैं, जिसके तहत राज्यभर में 500 नए होम-स्टे विकसित करने का लक्ष्य रखा गया हैं। इस नीति में पूंजी निवेश एवं ब्याज सब्सिडी का प्रावधान किया गया हैं, जिससे समुदाय आधारित पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
🟠350 करोड़ की फिल्म सिटी और कन्वेंशन सेंटर परियोजना
भारत सरकार की SASCI योजना के अंतर्गत चित्रोत्पला फिल्म सिटी एवं ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर को मंजूरी मिली हैं।350 करोड़ रुपये की इस परियोजना का भूमिपूजन 24 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा किया गया। यह परियोजना छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही हैं।
🟠भोरमदेव मंदिर कॉरिडोर: 146 करोड़ की ऐतिहासिक पहल
संस्कृति एवं पुरातत्त्व संचालक विवेक आचार्य ने बताया कि स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के तहत भोरमदेव मंदिर कॉरिडोर का विकास किया जा रहा हैं।करीब 146 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह कॉरिडोर काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित होगा। परियोजना का भूमिपूजन 1 जनवरी 2026 को केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र शेखावत एवं मुख्यमंत्री द्वारा किया गया।
🟠मयाली-बगीचा सर्किट और सिरपुर विकास योजना
भारत सरकार ने जशपुर जिले में मयाली-बगीचा पर्यटन सर्किट के अंतर्गत तीन प्रमुख स्थलों के विकास हेतु 10 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं।वहीं सिरपुर को विश्व धरोहर स्थल के रूप में विकसित करने के लिए एकीकृत मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा हैं।
🟠चित्रकोट को ग्लोबल टूरिज्म डेस्टिनेशन बनाने की तैयारी
चित्रकोट को वैश्विक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए चित्रकोट इंडिजिनस नेचर रिट्रीट परियोजना प्रस्तावित हैं, जिसके लिए 250 करोड़ रुपये की फंडिंग भारत सरकार से अपेक्षित हैं।
🟠देश-विदेश में छत्तीसगढ़ पर्यटन का प्रचार
छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल ने स्पेन, थाईलैंड, वियतनाम सहित कई अंतरराष्ट्रीय पर्यटन आयोजनों में भाग लेकर राज्य के पर्यटन स्थलों को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया। फिक्की एवं यूनिवर्सल ट्रैवल कॉन्क्लेव जैसे मंचों पर भी सक्रिय भागीदारी रही।
🟠पर्यटन व्यवसाय में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
🔸️जहां जनवरी 2024 तक राज्य में मात्र 30 टूर एवं ट्रैवल ऑपरेटर पंजीकृत थे, वहीं अब यह संख्या 300 से अधिक हो चुकी हैं।
🔸️वित्त वर्ष 2024-25 में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल को 2 करोड़ रुपये का लाभ हुआ,जो 2025-26 में बढ़कर 10 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
🟠संस्कृति एवं पुरातत्त्व क्षेत्र की बड़ी उपलब्धियां
🔸️संस्कृति विभाग द्वारा चिन्हारी पोर्टल के माध्यम से कलाकारों एवं साहित्यकारों का पंजीयन किया गया।
🔸️वर्ष 2024-25 में 141 कलाकारों को 34 लाख रुपये
🔸️वर्ष 2025-26 में 130 कलाकारों को 31 लाख रुपये
🔸️पेंशन के रूप में प्रदान किए गए।
🟠बस्तर पंडुम 2026 से जनजातीय संस्कृति को संबल
बस्तर पंडुम 2026 का आयोजन 10 जनवरी से 9 फरवरी तक तीन चरणों में किया जा रहा हैं, जिसमें जनजातीय नृत्य, लोकगीत, कला, हस्तशिल्प और पारंपरिक ज्ञान का भव्य प्रदर्शन किया जा रहा हैं।
🟠पुरातत्त्व उत्खनन से सामने आई प्राचीन सभ्यता
रीवां (रीवांगढ़) में हुए उत्खनन से यह प्रमाणित हुआ हैं, कि छत्तीसगढ़ में मानव सभ्यता 800 ईसा पूर्व से भी पहले विकसित हो चुकी थी, जिससे राज्य के प्राचीन इतिहास को नई पहचान मिली हैं।












