संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,6अगस्त2026
विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में पोषण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य और बाल कल्याण को मजबूत बनाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग और यूनिसेफ (UNICEF) के बीच उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष गणेश शंकर मिश्रा की अध्यक्षता में हुई बैठक में विशेष रूप से बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में कुपोषण, एनीमिया और मातृ-शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
🟠बस्तर और सरगुजा के लिए विशेष रणनीति
बैठक में उपाध्यक्ष गणेश शंकर मिश्रा ने कहा,कि पोषण और बाल कल्याण विकसित समाज की आधारशिला हैं। उन्होंने यूनिसेफ के विशेषज्ञों से ऐसे व्यावहारिक और नवाचारी समाधान तैयार करने का आग्रह किया, जिनका लाभ राज्य के हर बच्चे, गर्भवती महिला और परिवार तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके।
🟠मातृ-शिशु स्वास्थ्य में नए नवाचारों पर चर्चा
बैठक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़े आधुनिक उपायों पर भी चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने बताया,कि जहां पहले गर्भवती महिलाओं को पांच इंजेक्शन (खुराक) लगाने पड़ते थे,वहीं अब एक ही इंजेक्शन से समतुल्य लाभ मिलना संभव हैं। इसे माताओं के लिए अधिक सुविधाजनक और स्वास्थ्य की दृष्टि से महत्वपूर्ण नवाचार बताया गया।साथ ही एनीमिया (रक्ताल्पता) और कुपोषण की समस्या से प्रभावी तरीके से निपटने के उपायों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
🟠साक्ष्य आधारित नीति निर्माण पर जोर
बैठक में इस बात पर सहमति बनी,कि राज्य नीति आयोग और यूनिसेफ मिलकर साक्ष्य आधारित नीति निर्माण, प्रभावी मॉनिटरिंग और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय को मजबूत करेंगे, ताकि पोषण और बाल कल्याण से जुड़े कार्यक्रमों का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके।
🟠यूनिसेफ ने जताई प्रतिबद्धता
यूनिसेफ की चीफ ऑफ फील्ड ऑफिस सीमा कुमार ने कहा कि छत्तीसगढ़, विशेषकर बस्तर संभाग में बच्चों और माताओं के स्वास्थ्य एवं पोषण के क्षेत्र में राज्य सरकार के साथ मिलकर कार्य करना यूनिसेफ की प्राथमिकता हैं।वहीं यूनिसेफ के सामाजिक नीति विशेषज्ञ डॉ. बाल परितोष दाश ने कहा,कि विभागीय समन्वय और साक्ष्य आधारित नीतियों के माध्यम से ही पोषण एवं बाल कल्याण के क्षेत्र में स्थायी और प्रभावी परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।
🟠रणनीति पत्र होगा तैयार
बैठक के अंत में पोषण, बाल कल्याण और सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन को लेकर ठोस, नवाचारी और परिणाम आधारित रणनीति पत्र तैयार करने पर सहमति बनी, ताकि “हर बच्चा स्वस्थ, हर भविष्य उज्ज्वल” के संकल्प को साकार किया जा सके।












