न्यूज डेस्क,अंबिकापुर,छत्तीसगढ़,6अगस्त2026
सरगुजा जिले की कोतवाली पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमीन की धोखाधड़ी के बड़े मामले का खुलासा करते हुए,तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया हैं। आरोपियों ने आपराधिक षड्यंत्र रचकर वर्ष 1962 में मृत हो चुके व्यक्ति के नाम पर फर्जी पहचान तैयार की,उसके नाम से जमीन की रजिस्ट्री कराई और बाद में करीब 30 लाख रुपये में जमीन बेचकर आर्थिक लाभ अर्जित किया।
🟠मृत व्यक्ति की पहचान का किया दुरुपयोग
पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता आलोक दुबे की शिकायत पर जांच शुरू की गई। जांच में सामने आया कि अंबिकापुर के घुटरापारा स्थित खसरा नंबर 356/2 की भूमि राजस्व रिकॉर्ड में मृतक मोहरसाय (नोहरसाय) रजवाड़े के नाम दर्ज थी, जिनका निधन वर्ष 1962 में हो चुका था।इसके बावजूद आरोपियों ने एक अन्य व्यक्ति को मृतक बताकर उसका फर्जी आधार कार्ड तैयार किया और 25 सितंबर 2025 को उसी के आधार पर जमीन की रजिस्ट्री करा दी।
🟠30 लाख में हुई जमीन की बिक्री
जांच में पता चला,कि जमीन का सौदा बंटी पटेल उर्फ वर्षित पटेल ने कराया था। इसके बाद उक्त भूमि को करीब 30 लाख रुपये में अन्य लोगों को बेच दिया गया। पुलिस के अनुसार बिक्री से मिली रकम का कुछ हिस्सा सह-आरोपियों को दिया गया, जबकि शेष राशि मुख्य साजिशकर्ता ने रख ली।
🟠तीन आरोपी गिरफ्तार,अहम सबूत जब्त
कोतवाली पुलिस ने मामले में राम निवास गुप्ता उर्फ बोखा (41 वर्ष) निवासी नवागढ़ तथा दो महिला आरोपियों को गिरफ्तार किया हैं। पूछताछ में आरोपियों ने अपराध स्वीकार किया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से रजिस्ट्री में उपयोग किया गया चेक, चेकबुक और एक रियलमी मोबाइल फोन जब्त किया हैं।
🟠BNS की कई धाराओं में दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 541/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2), 318(4), 336(3), 338 और 340(2) के अंतर्गत मामला दर्ज किया हैं। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर दिया गया हैं, जबकि मामले के अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी हैं।
🟠पुलिस टीम की अहम भूमिका
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक शशिकांत सिन्हा, उपनिरीक्षक के.के. यादव, प्रधान आरक्षक छत्रपाल सिंह, महिला आरक्षक सरस्वती पाण्डेय, आरक्षक आनंद गुप्ता एवं लालबाबू की महत्वपूर्ण भूमिका रही।












