अर्पित तिवारी,बलरामपुर,छत्तीसगढ़,6अगस्त2026
बलरामपुर जिले के सेमरसोत अभ्यारण्य में संरक्षित वन्यजीव बार्किंग डियर (कोटरी) के अवैध शिकार का मामला सामने आया हैं। वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से बार्किंग डियर का मृत शव बरामद किया हैं। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया हैं।
🟠मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई
उप निदेशक एलिफेंट रिजर्व सरगुजा श्रीनिवास तेनेटी (भा.वा.से.) के निर्देश पर वन्यजीव संरक्षण के लिए चलाए जा रहे,विशेष गश्त अभियान के तहत अधीक्षक बी.एस. भगत के मार्गदर्शन और रेंजर जगत राम मरावी के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने 5 अगस्त को मुखबिर से मिली सूचना पर कार्रवाई की।टीम ने घेराबंदी कर चंदन (पिता राजमल), निवासी ग्राम परती तथा सुराजलाल (पिता सत्ता), निवासी ग्राम खटवाबरदर को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से संरक्षित वन्यजीव बार्किंग डियर (कोटरी) का मृत शव बरामद हुआ।
🟠वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
प्रारंभिक जांच में दोनों आरोपियों द्वारा सेमरसोत अभ्यारण्य क्षेत्र में संरक्षित वन्यजीव का अवैध शिकार किए जाने की पुष्टि हुई। वन विभाग ने आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की प्रासंगिक धाराओं के तहत वन अपराध प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तार किया।दोनों आरोपियों को सक्षम न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया हैं।
🟠अन्य आरोपियों और शिकार में प्रयुक्त हथियारों की जांच जारी
वन विभाग ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच जारी हैं। शिकार में प्रयुक्त साधनों तथा अन्य संभावित आरोपियों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही हैं। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
🟠वन विभाग की अपील
वन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की हैं,कि वन्यजीवों का संरक्षण सभी की सामूहिक जिम्मेदारी हैं। यदि कहीं वन्यजीवों के शिकार या किसी भी प्रकार के वन अपराध की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तत्काल निकटतम वन कार्यालय को दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।












