संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,7अगस्त2026
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने प्रदेशवासियों से, स्वदेशी उत्पादों को अपनाने और हथकरघा से निर्मित वस्तुओं के अधिकाधिक उपयोग का आह्वान किया। उन्होंने कहा,कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना केवल आर्थिक पहल नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक शिल्पकला और लाखों बुनकर परिवारों के सम्मान से जुड़ा जन आंदोलन हैं।
🟠छत्तीसगढ़ी गमछा पहनकर दिया स्थानीय शिल्प को सम्मान
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर मंत्री राजेश अग्रवाल ने, छत्तीसगढ़ के बुनकरों द्वारा निर्मित पारंपरिक गमछा धारण कर प्रदेश की समृद्ध हथकरघा परंपरा को सम्मान दिया। उन्होंने कहा,कि यह गमछा केवल एक परिधान नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति, श्रम, परंपरा और स्थानीय शिल्प कौशल का प्रतीक हैं।
🟠‘वोकल फॉर लोकल’ को जन आंदोलन बनाने की अपील
मंत्री ने नागरिकों से अपने दैनिक जीवन में अधिक से, अधिक स्वदेशी और हथकरघा उत्पाद अपनाने की अपील करते हुए कहा,कि स्थानीय बुनकरों के उत्पादों का उपयोग उनकी आजीविका को सशक्त बनाने के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता हैं।उन्होंने कहा,कि प्रत्येक नागरिक का छोटा-सा प्रयास आत्मनिर्भर भारत और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में बड़ा योगदान दे सकता हैं।
🟠बुनकरों की कला को मिले नई पहचान
राजेश अग्रवाल ने कहा,कि छत्तीसगढ़ के बुनकर अपनी उत्कृष्ट शिल्पकला और रचनात्मकता से प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित कर रहे हैं। ऐसे प्रतिभाशाली शिल्पकारों का सम्मान और उत्साहवर्धन हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी हैं।
🟠हथकरघा उत्पादों के साथ फोटो-वीडियो साझा करने की अपील
मंत्री ने राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर लोगों से, अपने पसंदीदा हथकरघा उत्पाद के साथ फोटो या वीडियो साझा कर अभियान से जुड़ने की अपील की। उन्होंने विश्वास जताया,कि प्रदेशवासी सक्रिय भागीदारी निभाते हुए ‘वोकल फॉर लोकल’ के संकल्प को और मजबूत करेंगे।












