संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,7अगस्त2026
छत्तीसगढ़ में पिछले ढाई वर्षों के दौरान श्रमिक कल्याण के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण पहल की गई हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और श्रम एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन के मार्गदर्शन में श्रमिकों के, सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण के लिए योजनाओं का विस्तार किया गया हैं। तकनीकी नवाचार, पारदर्शी व्यवस्था और डिजिटल सेवाओं के माध्यम से लाखों श्रमिकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया गया हैं।
🟠17.82 लाख से अधिक श्रमिकों को मिला लाभ
1 जनवरी 2024 से 30 जून 2026 के बीच लगभग 12.65 लाख नए श्रमिकों का पंजीयन किया गया। विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत 17.82 लाख से अधिक श्रमिकों को लाभ पहुंचाया गया,जिन पर 800 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए। निर्माण श्रमिकों को लगभग 780 करोड़ रुपये तथा असंगठित श्रमिकों को 187 करोड़ रुपये की सहायता दी गई।
🟠डिजिटल सेवाओं से आसान हुई प्रक्रिया
श्रम विभाग ने ‘श्रमेव जयते’ पोर्टल और मोबाइल ऐप शुरू किया हैं,जिससे श्रमिक ऑनलाइन पंजीयन, आवेदन और योजनाओं का लाभ आसानी से प्राप्त कर रहे हैं। सभी सहायता राशि अब DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे हितग्राहियों के खातों में भेजी जा रही हैं।
🟠सभी 33 जिलों में श्रम कार्यालय
राज्य के नए जिलों में भी श्रम अधिकारी कार्यालय स्थापित किए गए हैं। अब प्रदेश के सभी 33 जिलों में श्रम विभाग के कार्यालय संचालित हो रहे हैं, जिससे श्रमिकों को स्थानीय स्तर पर सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं।
🟠आवास, मातृत्व और भोजन जैसी योजनाओं का लाभ
मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना के, तहत आवास सहायता राशि बढ़ाकर 1.50 लाख रुपये कर दी गई हैं।मिनीमाता महतारी जतन योजना के अंतर्गत 1.60 लाख से अधिक महिला श्रमिकों को मातृत्व सहायता मिली हैं। वहीं ‘शहीद वीरनारायण सिंह श्रम अन्न योजना’ के तहत पंजीकृत श्रमिकों को मात्र 5 रुपये में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा हैं।
🟠श्रमिक परिवारों के बच्चों की शिक्षा पर भी फोकस
मेधावी छात्रवृत्ति,निःशुल्क प्रतियोगी परीक्षा कोचिंग और शिक्षा सहायता योजनाओं के माध्यम से हजारों विद्यार्थियों को लाभ मिला हैं, जिससे श्रमिक परिवारों के बच्चों को बेहतर भविष्य की दिशा मिली हैं।












