अर्पित तिवारी,बलरामपुर,छत्तीसगढ़,7अगस्त2026
बलरामपुर जिले में सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने के लिए,जिला प्रशासन ने “मिशन आचार्य” की शुरुआत की हैं। संयुक्त जिला कार्यालय में आयोजित प्राचार्यों की प्रशिक्षण कार्यशाला में कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का विजन साझा करते हुए कहा,कि “अच्छा विद्यालय केवल भवन से नहीं, बल्कि सक्षम प्राचार्य,प्रेरित शिक्षक और सीखने के उत्साह से भरे बच्चों से बनता हैं।”कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि मिशन आचार्य का उद्देश्य केवल पढ़ाई कराना नहीं,बल्कि हर बच्चे को जीवन के लिए तैयार करना और प्रत्येक विद्यालय को उत्कृष्टता का केंद्र बनाना हैं।
🟠शिक्षा बनेगी जनआंदोलन
कार्यशाला में बताया गया,कि मिशन आचार्य के तहत प्रशासन, शिक्षक, अभिभावक, पंचायत, जनप्रतिनिधि और समाज की साझेदारी से शिक्षा को जनआंदोलन का रूप दिया जाएगा। मिशन का फोकस बच्चों के सीखने के स्तर, शिक्षकों की क्षमता और स्कूलों के समग्र प्रदर्शन पर रहेगा।
🟠“हर बच्चे की जरूरत को समझना होगा”
कलेक्टर त्रिपाठी ने कहा,कि शिक्षक और प्राचार्य का दायित्व केवल पाठ्यक्रम पूरा करना नहीं, बल्कि प्रत्येक विद्यार्थी की क्षमता और चुनौतियों को पहचानकर उसका भविष्य संवारना हैं। उन्होंने प्राचार्यों से लगातार सीखने, नवाचार अपनाने और बच्चों के लिए प्रेरणादायी वातावरण तैयार करने का आह्वान किया।
🟠एआई और रियल-टाइम मॉनिटरिंग से बदलेगी शिक्षा
जिला पंचायत सीईओ डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने कहा, कि विद्यालय का भविष्य उसके प्राचार्य के नेतृत्व पर निर्भर करता हैं। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, नियमित समीक्षा और नवाचार को शिक्षा सुधार की कुंजी बताया।कार्यशाला में रीडिंग मिशन, होम रीडिंग कार्यक्रम, रेमेडियल लर्निंग, शिक्षक क्षमता संवर्धन, एआई आधारित शिक्षण सहयोग, स्कूल परफॉर्मेंस इंडेक्स और रियल-टाइम जिला शिक्षा डैशबोर्ड जैसी आधुनिक पहलें भी प्रस्तुत की गईं।
🟠उत्कृष्ट शिक्षा के लिए सामूहिक संकल्प
कार्यक्रम के अंत में सभी अधिकारियों, प्राचार्यों, बीईओ और बीआरसी ने मिशन आचार्य को सफल बनाकर बलरामपुर को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का आदर्श जिला बनाने का संकल्प लिया।












