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एग्रीस्टेक पंजीयन नहीं कराया तो खाद-बीज और धान खरीदी में आ सकती हैं,परेशानी

अर्पित तिवारी,बलरामपुर,छत्तीसगढ़,7अगस्त2026

बलरामपुर जिले में किसानों को डिजिटल कृषि सेवाओं से जोड़ने के लिए,एग्रीस्टेक पंजीयन अभियान तेज कर दिया गया हैं। कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देशन में राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीमें गांव-गांव पहुंचकर किसानों का पंजीयन कर रही हैं। किसानों की सुविधा के लिए सेवा सहकारी समितियों, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) और उचित मूल्य दुकानों में भी पंजीयन की व्यवस्था की गई हैं।🟠एग्रीस्टेक आईडी से मिलेंगी कई सरकारी योजनाओं का लाभ

प्रशासन के अनुसार एग्रीस्टेक पोर्टल पर पंजीयन कराने से किसान की डिजिटल पहचान (Farmer ID) तैयार होती हैं। इसके माध्यम से धान खरीदी, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), उर्वरक अनुदान, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, कृषि मशीनीकरण योजना और मुख्यमंत्री किसान सहायता योजना सहित कई योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा।

🟠पंजीयन नहीं कराया तो हो सकती हैं,परेशानी

प्रशासन ने स्पष्ट किया हैं,कि जिन किसानों का एग्रीस्टेक पंजीयन नहीं होगा, उन्हें भविष्य में खाद-बीज वितरण, डिजिटल क्रॉप सर्वे, धान खरीदी और अन्य कृषि योजनाओं का लाभ लेने में कठिनाई हो सकती हैं। आगामी 17 अगस्त से शुरू होने वाले डिजिटल क्रॉप सर्वे में भी केवल पंजीकृत किसानों को शामिल किया जाएगा।

🟠ये दस्तावेज रखें तैयार

पंजीयन के लिए किसानों को आधार कार्ड, आधार से लिंक मोबाइल नंबर, बैंक पासबुक, ऋण पुस्तिका, बी-1, खसरा, भू-अधिकार पत्र तथा आवश्यक होने पर पासपोर्ट साइज फोटो साथ रखना होगा।

🟠संयुक्त खाताधारकों के लिए अलग पंजीयन जरूरी

यदि किसी भूमि खाते में एक से अधिक लोगों के नाम दर्ज हैं, तो सभी खाताधारकों को अलग-अलग एग्रीस्टेक पंजीयन कराना अनिवार्य होगा। जिन किसानों की पहले से एग्रीस्टेक आईडी बनी हुई हैं,उन्हें केवल भूमि या अन्य विवरण में बदलाव होने पर संशोधन कराना होगा।

🟠गांव-गांव पहुंच रही प्रशासन की टीम

राजस्व एवं कृषि विभाग की टीमें पंचायत स्तर पर शिविर लगाकर और डोर-टू-डोर संपर्क कर किसानों का पंजीयन करा रही हैं। शिविरों की जानकारी मुनादी के माध्यम से भी दी जा रही हैं, ताकि कोई भी किसान इस सुविधा से वंचित न रहे।

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