संदिली सिंह,रायपुर,4अगस्त 2025/विशेष रिपोर्ट-Nexis News
बलरामपुर जिले की वाड्रफनगर चौकी पुलिस ने, लाखों की ठगी कर फरार चल रहे आरोपी को, तकनीकी सुराग के आधार पर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। आरोपी की पहचान वेद प्रकाश पांडे उर्फ उमेश पांडे (उम्र 34 वर्ष, निवासी – जमशेदपुर, झारखंड) के रूप में हुई है। आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 88/2024, धारा 420 आईपीसी के तहत मामला दर्ज था।
🟠मामले की पृष्ठभूमि:
वर्ष 2021-22 में आरोपी ने प्रार्थी हेमंत मिश्रा के छोटे भाई समंत मिश्रा को फार्मेसी कोर्स कराने के नाम पर ₹2,35,000 की ठगी की। रकम लौटाने के बजाय आरोपी ने बैंक ऑफ इंडिया का चेक दिया, जिसमें पर्याप्त राशि नहीं थी। न तो फार्मेसी कोर्स कराया गया और न ही पैसे वापस किए गए। थक-हारकर प्रार्थी ने थाना बसंतपुर में लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिस पर पुलिस ने मामला पंजीबद्ध कर जांच शुरू की।
🟠फरार से गिरफ्तारी तक:
आरोपी को मामले की भनक लगते ही,गिरफ्तारी से बचने के लिए अपने घर से फरार हो गया और देश के अलग-अलग हिस्सों में छिपता रहा।
दिनांक 01 अगस्त 2025 को तकनीकी निगरानी से सूचना मिली, कि आरोपी अंबिकापुर में है। चौकी प्रभारी वाड्रफनगर उपनिरीक्षक धीरेंद्र तिवारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने साइबर सेल की मदद से दबिश देकर आरोपी को पकड़ा।
🟠कबूलनामा और कार्रवाई:
पूछताछ में आरोपी ने ठगी की बात स्वीकार की। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया।
🟠पुलिस टीम का योगदान:
🔸️उपनिरीक्षक : धीरेंद्र तिवारी,
🔸️सहायक उपनिरीक्षक : पुष्पराज सिंह,
🔸️साइबर आरक्षक : आकाश तिवारी, राजकिशोर पैकरा
🔸️आरक्षक : देव कुमार
📢जन अपील :
पुलिस आमजन से अपील करती हैं, कि किसी भी कोर्स, नौकरी या निवेश के नाम पर, धनराशि देने से पहले संबंधित संस्था या व्यक्ति की पूरी जानकारी और सत्यापन अवश्य करें। संदिग्ध गतिविधि या धोखाधड़ी की आशंका होने पर, तुरंत नजदीकी थाना या साइबर क्राइम हेल्पलाइन को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।












