संदिली सिंह,रायपुर/छत्तीसगढ़,20सितंबर2025,विशेष रिपोर्ट-Nexis News
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना छत्तीसगढ़ में ऊर्जा क्रांति का नया अध्याय लिख रही हैं। यह महत्वाकांक्षी योजना न केवल हर घर को सस्ती और स्वच्छ बिजली दे रही हैं, बल्कि परिवारों को आर्थिक मजबूती और पर्यावरण संरक्षण के पथ पर भी आगे बढ़ा रही हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में,राज्य में इस योजना का क्रियान्वयन बेहद प्रभावी ढंग से हो रहा हैं। विशेषकर कोरबा जिला, जिसे देश की “पावर कैपिटल” कहा जाता हैं, यहां यह योजना हजारों परिवारों के लिए आशा की किरण बनी हैं।
🟠रंजीत कुमार: कोरबा का प्रेरक उदाहरण
नकटीखार, कोरबा निवासी रंजीत कुमार, जो एसईसीएल, कुसमुंडा में डंपर ऑपरेटर हैं, पहले हर महीने आने वाले हजारों रुपये के बिजली बिल से परेशान रहते थे। प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना की जानकारी मिलते ही,उन्होंने सोलर पैनल सिस्टम लगाने का निर्णय लिया।
🔸️कुल लागत: 2.10 लाख रुपये
🔸️सरकारी सब्सिडी: 78 हजार रुपये
🔸️शेष राशि: आसान लोन और नकद भुगतान से चुकाई गई
🔸️सिर्फ कुछ हफ्तों में ही रंजीत कुमार का मासिक बिजली बिल हजारों से घटकर मात्र 130 रुपये पर आ गया।
🟠बिजली से आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण की राह
यह योजना आर्थिक बचत के साथ-साथ कोयला व डीजल पर निर्भरता कम कर रही हैं,और वायु प्रदूषण में कमी लाकर पर्यावरण को नई दिशा दे रही हैं। कोरबा जैसे औद्योगिक जिले में सौर ऊर्जा का बढ़ता उपयोग एक ऐतिहासिक बदलाव हैं।
रंजीत कुमार का कहना हैं,
“अब हमें बिजली बिल की कोई चिंता नहीं रहती। बच्चों की पढ़ाई और घर के उपकरण बिना रुकावट चलते हैं। यह योजना हमारे परिवार के लिए वरदान हैं।
रंजीत कुमार का घर ऊर्जा आत्मनिर्भर हैं और यह कहानी हजारों परिवारों के लिए प्रेरणा स्रोत बन गई हैं।












