संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़/2नवंबर2025/विशेष रिपोर्ट-Nexis News
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सत्य साई संजीवनी चाइल्ड हार्ट हॉस्पिटल, नया रायपुर में दिल की बीमारियों से सफलतापूर्वक ऑपरेशन करवा चुके बच्चों से आत्मीय संवाद किया। बच्चों के साथ प्रधानमंत्री की यह बातचीत भावनाओं, प्रेरणा और मासूमियत से भरी रही।
प्रधानमंत्री ने मुस्कुराते हुए कहा – “दिल की बात करनी हैं, कौन करेगा?”
तुरंत एक बच्ची ने जवाब दिया – “मैं हॉकी चैंपियन हूं, मेरे दिल में छेद था, यहां ऑपरेशन के बाद अब मैं फिर से खेल पाती हूं।”
प्रधानमंत्री ने पूछा – “अब क्या बनना चाहती हो?”
बच्ची बोली – “डॉक्टर बनना चाहती हूं, ताकि सबका इलाज कर सकूं।”
इस पर प्रधानमंत्री ने हंसते हुए कहा – “जब हम बूढ़े हो जाएंगे, तब हमारा भी इलाज करोगी?”
बच्ची ने कहा – “हां, पक्का।”
बातचीत के दौरान बच्चों ने अपनी कविताएं सुनाईं, अपने सपनों को साझा किया और प्रधानमंत्री से हाथ मिलाने की इच्छा जताई। एक बच्चे ने कहा – “मेरा सपना था आपसे मिलने का।” प्रधानमंत्री ने स्नेहपूर्वक कहा – “बहुत अच्छा लगा आप सबसे बात करके, अब शरीर को स्वस्थ रखना और योगा करना जरूरी हैं।”
प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर सत्य साई बाबा के जन्म शताब्दी वर्ष का उल्लेख करते हुए कहा,कि बाबा ने जल संरक्षण और सेवा का जो संदेश दिया था, वह आज भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा – “हर व्यक्ति को अपनी मां के नाम एक पेड़ लगाना चाहिए, ताकि हम धरती मां और अपनी मां दोनों का कर्ज चुका सकें।”
एक नन्हे लाभार्थी ने गर्व से कहा – “मैं बड़े होकर आर्मी में जाकर देश की सेवा करना चाहता हूं।”
प्रधानमंत्री ने मुस्कुराकर कहा – “वाह! देश की रक्षा का जज़्बा सबसे बड़ा धर्म हैं।”
यह संवाद प्रधानमंत्री मोदी के संवेदनशील और प्रेरणादायी व्यक्तित्व की झलक देता हैं, जहां उन्होंने बच्चों के सपनों को नई उड़ान दी और जीवन में स्वास्थ्य, अनुशासन व देशसेवा का संदेश दिया।












