संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़/2नवंबर2025/विशेष रिपोर्ट-Nexis News
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ पर नवा रायपुर स्थित राज्योत्सव परिसर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने,विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। यह प्रदर्शनी राज्य की 25 वर्षों की विकास यात्रा, सुशासन के नवाचारों और न्याय प्रणाली के आधुनिकीकरण की दिशा में हुए ऐतिहासिक प्रयासों का प्रतीक बनकर उभरी हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए, विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे जनहितकारी कार्यों की सराहना की। राज्योत्सव प्रदर्शनी 1 से 5 नवम्बर 2025 तक आम नागरिकों, विद्यार्थियों और जनप्रतिनिधियों के लिए खुली रहेगी। इसमें शासन की प्रमुख योजनाओं, सेवाओं और नई कानूनी व्यवस्थाओं की जानकारी सरल और रोचक तरीके से प्रस्तुत की जा रही हैं।
🟠गृह विभाग की प्रदर्शनी का आकर्षण – नए आपराधिक कानूनों की आधुनिक झलक
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश की न्याय प्रणाली को आधुनिक, पारदर्शी और जनकेंद्रित बनाने के लिए किए गए सुधारों को गृह विभाग की प्रदर्शनी में विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया हैं। इसमें अपराध जांच में वैज्ञानिक पद्धति, डिजिटल साक्ष्य और फोरेंसिक सहयोग के महत्व को दर्शाया गया हैं। पुलिस, अभियोजन, जेल, फोरेंसिक विशेषज्ञ और न्यायिक अधिकारियों की संयुक्त भूमिका को “न्याय के पाँच स्तंभ” के रूप में पेश किया गया हैं।
गृह विभाग ने बताया,कि आधुनिक तकनीक और अनुसंधान के प्रयोग से अपराध जांच और न्यायिक प्रक्रिया अब पहले से अधिक तेज़ और सटीक हुई हैं। अभियोजन एवं न्यायिक कार्यवाहियों की ऑनलाइन ट्रैकिंग प्रणाली न्याय प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम हैं।
🟠खेल-खेल में ‘कानून की सीख’ – आकर्षण का केंद्र बने इंटरएक्टिव ज़ोन
प्रदर्शनी में नागरिकों और विद्यार्थियों के लिए क्विज़, डिजिटल गेम्स और इंटरएक्टिव डिस्प्ले जैसे मनोरंजक माध्यम रखे गए हैं, जिनके जरिए नवीन आपराधिक कानूनों को सरल भाषा में समझाया जा रहा हैं। यह पहल कानून के प्रति जन-जागरूकता, विश्वास और सहभागिता की भावना को मजबूत कर रही हैं।
🟠आम नागरिकों से सहभागिता की अपील
राज्य सरकार ने आम नागरिकों, महाविद्यालयों और विद्यालयों के विद्यार्थियों से बड़ी संख्या में प्रदर्शनी का अवलोकन करने की अपील की हैं, ताकि वे शासन की योजनाओं और न्याय प्रणाली में आए नए बदलावों को करीब से समझ सकें।
यह प्रदर्शनी न केवल शासन की उपलब्धियों का जीवंत दस्तावेज़ है, बल्कि “नवीन भारत – न्याय के नए अध्याय” की भावना को साकार करने वाली एक प्रेरणादायी पहल भी हैं, जो सुशासन, न्याय-संवेदनशीलता और जनसहभागिता की दिशा में छत्तीसगढ़ के संकल्प को और सशक्त करती हैं।












